
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पार्टी की ओर से जंतर-मंतर पर आंदोलन का ऐलान किया गया है, लेकिन पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। इस बीच पार्टी के नेता सौरव दास ने आंदोलन जारी रखने के संकेत देते हुए कहा है कि कुछ ही घंटों में वे जंतर-मंतर और उसके आसपास लोगों से मिलेंगे। उन्होंने इसे लोकतंत्र की रक्षा और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के लिए लंबी लड़ाई बताया है।
सौरव दास बोले- यह देश और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई
CJP नेता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर अपनी पीढ़ी के लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की। उन्होंने लिखा, ”यह हमारे देश को वापस पाने की लड़ाई है! यह हमारे लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है! यह हम Gen-Z के भविष्य की लड़ाई है!”
दास ने आगे कहा कि उन्हें अपनी पीढ़ी पर बहुत गर्व है और वे तब तक संघर्ष करेंगे, जब तक व्यवस्था भ्रष्टाचार मुक्त नहीं हो जाती। उनके इस बयान से साफ है कि पार्टी अपने प्रस्तावित आंदोलन को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं है।
वहीं, CJP ने अपने आधिकारिक एक्स पोस्ट में दावा किया कि ‘जंतर-मंतर 2.0’ शुरू हो गया है। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाने पर लेते हुए वोट चोरी को कथित तौर पर बढ़ावा देने के आरोप लगाए और कहा कि अब ऐसा करने का समय समाप्त हो गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मुंबई से दिल्ली रवाना हुए पार्टी के नेता
प्रदर्शन को लेकर पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। पार्टी की ओर से जंतर-मंतर पर जुटने के संकेत दिए जाने के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
पुलिस की ओर से प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के बावजूद पार्टी नेताओं के बयानों से आंदोलन को लेकर गतिविधियां जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं। ऐसे में जंतर-मंतर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, बैरिकेडिंग बढ़ाई गई
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए जाने का दावा किया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, करीब 23 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की बात कही जा रही है। हालांकि, इस संख्या की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
जंतर-मंतर के आसपास कई स्तरों पर बैरिकेडिंग किए जाने की जानकारी सामने आई है। दिल्ली की सीमाओं पर भी वाहनों की जांच की जा रही है, ताकि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आने वाले लोगों की आवाजाही पर नजर रखी जा सके।
पुलिस लगातार उद्घोषणा के जरिए लोगों को लागू प्रतिबंधों की जानकारी दे रही है। अधिकारियों की ओर से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू होने का हवाला दिया जा रहा है। इस धारा के तहत परिस्थितियों के अनुसार सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ गतिविधियों और लोगों के जमावड़े पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
मेट्रो, ट्रेन और इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध का दावा
CJP के प्रदर्शन को लेकर राजधानी में यातायात और सार्वजनिक सेवाओं पर भी असर पड़ने की खबरें सामने आई हैं। दी गई जानकारी के अनुसार, 45 मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने और नई दिल्ली तथा हजरत निजामुद्दीन आने वाली मेल एवं एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द किए जाने का दावा किया गया है। जंतर-मंतर के आसपास इंटरनेट सेवा बंद होने की बात भी कही गई है।
हालांकि, इन प्रतिबंधों की वास्तविक स्थिति, प्रभावित मेट्रो स्टेशनों की सूची, रद्द ट्रेनों और इंटरनेट सेवा से संबंधित आधिकारिक जानकारी की पुष्टि जरूरी है। यात्रियों को सलाह है कि घर से निकलने से पहले दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC), रेलवे और संबंधित प्रशासन की आधिकारिक सूचनाएं जरूर जांच लें।
आंदोलन पर टिकी निगाहें
फिलहाल CJP के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां और सुरक्षा इंतजाम चर्चा का विषय बने हुए हैं। एक ओर पार्टी के नेता लोकतंत्र, चुनावी पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के नाम पर आंदोलन की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्ती बरत रही है।
अब देखना होगा कि पुलिस की ओर से अनुमति नहीं दिए जाने के बीच CJP के नेता जंतर-मंतर पहुंचकर किस तरह अपनी आगे की रणनीति तय करते हैं और प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम से कैसे निपटता है।








