
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया के बाद जिन मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से गायब हो गए हैं, अब उनकी तलाश की जाएगी। इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) पुरानी और नई मतदाता सूची का मिलान करेंगे। जिन लोगों के नाम पहले की सूची में दर्ज थे, लेकिन नई सूची में नहीं हैं, उन्हें चिह्नित किया जाएगा।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे मतदाताओं की मौजूदा स्थिति का पता लगाना है, जिनके नाम किसी वजह से नई मतदाता सूची में दिखाई नहीं दे रहे हैं। इसके साथ ही जिन योग्य मतदाताओं का नाम अभी तक वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो पाया है, उन्हें भी सूची में जोड़ने की कार्रवाई की जाएगी।
पुरानी और नई वोटर लिस्ट का होगा मिलान
जानकारी के अनुसार, बीएलओ 10 अप्रैल को प्रकाशित मतदाता सूची का मिलान पिछले साल 7 जनवरी को प्रकाशित सूची से करेंगे। दोनों सूचियों में दर्ज नामों की जांच की जाएगी। इस दौरान यह देखा जाएगा कि पिछली सूची में शामिल कितने मतदाताओं के नाम नई सूची में मौजूद नहीं हैं।
जिन मतदाताओं के नाम पुरानी सूची में हैं, लेकिन नई सूची में नहीं मिलेंगे, उनकी अलग से पहचान की जाएगी। इसके बाद बीएलओ उनकी मौजूदा स्थिति की जानकारी जुटाएंगे। इसके लिए बीएलओ संबंधित मतदाता के घर या वोटर लिस्ट में दर्ज पते पर जाकर जानकारी हासिल कर सकते हैं।
इस जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि संबंधित मतदाता उसी पते पर रह रहा है या नहीं। अगर मतदाता किसी दूसरे स्थान पर चला गया है, तो उसकी वर्तमान स्थिति की जानकारी भी जुटाई जाएगी। इस तरह वोटर लिस्ट में नाम गायब होने के कारणों को समझने की कोशिश होगी।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दी गई जानकारी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बुधवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में इस अभियान की जानकारी दी। बैठक में मतदाता सूची और SIR से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि चुनाव आयोग ने उन राज्यों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं, जहां SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अभियान के तहत मतदाता सूची की जांच करने के साथ-साथ छूटे हुए योग्य मतदाताओं को सूची में शामिल करने पर भी जोर दिया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, मतदाता सूची को सही और अपडेट रखना चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। किसी योग्य व्यक्ति का नाम सूची में नहीं रहना उसके मतदान के अधिकार को प्रभावित कर सकता है। इसलिए ऐसे लोगों की पहचान करना और उन्हें सूची में शामिल करने की प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है।
पहली बार वोट देने वालों पर भी रहेगा ध्यान
इस विशेष अभियान में उन युवाओं पर भी ध्यान दिया जाएगा, जो पहली बार मतदान करने के योग्य हुए हैं। 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र पूरी कर चुके ऐसे नागरिक, जिनका नाम अभी तक वोटर लिस्ट में दर्ज नहीं हुआ है, उन्हें सूची में शामिल करने की कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा ऐसे मतदाता भी अभियान का हिस्सा होंगे, जो किसी कारण से पिछली सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं। बीएलओ उनके बारे में जानकारी जुटाकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करेंगे।
नाम गायब होने पर लोगों को मिल सकती है मदद
वोटर लिस्ट में नाम नहीं मिलने पर मतदाताओं के लिए यह अभियान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कई बार पता बदलने, एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने या अन्य कारणों से मतदाता सूची में नाम को लेकर स्थिति बदल सकती है। ऐसे मामलों की जांच के बाद सही जानकारी दर्ज करने की कोशिश की जाएगी।
अभियान के दौरान बीएलओ को स्थानीय स्तर पर मतदाताओं से संपर्क करना होगा। इससे मतदाता सूची में दर्ज नामों की वास्तविक स्थिति का पता लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही गलत या पुरानी जानकारी को अपडेट करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ सकती है।
वोटर लिस्ट को अपडेट करने पर जोर
चुनाव आयोग लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि मतदाता सूची में केवल योग्य और वास्तविक मतदाताओं के नाम सही जानकारी के साथ दर्ज हों। इसके लिए समय-समय पर मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया जाता है।
उत्तर प्रदेश में SIR के बाद अब गायब नामों की जांच के लिए प्रस्तावित यह अभियान इसी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। पुरानी और नई सूची के मिलान से यह पता चल सकेगा कि किन मतदाताओं के नाम में बदलाव हुआ है और किन लोगों के नाम नई सूची में नहीं हैं।
अभियान के दौरान बीएलओ की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इससे एक तरफ जहां गायब मतदाताओं की स्थिति स्पष्ट करने में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ नए और छूटे हुए योग्य मतदाताओं को वोटर लिस्ट में शामिल करने का रास्ता भी आसान होगा।
फिलहाल इस अभियान को लेकर मतदाताओं में भी रुचि बढ़ी है। जिन लोगों को अपनी वोटर लिस्ट में नाम को लेकर किसी तरह की शंका है, वे संबंधित अधिकारियों से जानकारी ले सकते हैं। आने वाले दिनों में बीएलओ स्तर पर जांच और सत्यापन की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।









