
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी नेताओं के प्रदर्शन और चुनाव आयोग से मुलाकात की मांग के बीच आयोग ने अपनी स्थिति साफ कर दी है। चुनाव आयोग ने कहा है कि उसे किसी भी राजनीतिक दल के नेताओं या प्रतिनिधियों से मिलने में कोई आपत्ति नहीं है। राजनीतिक दल पहले भी तय प्रक्रिया के तहत आयोग से मुलाकात करते रहे हैं और आगे भी इसी प्रक्रिया के अनुसार बैठक कर सकते हैं।
आयोग की ओर से कहा गया है कि अब तक किसी भी राजनीतिक दल की ओर से मुलाकात के लिए औपचारिक रूप से समय नहीं मांगा गया है। इसलिए आयोग के साथ किसी बैठक की तारीख या समय भी तय नहीं हुआ है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर कोई राजनीतिक दल अपनी बात रखना चाहता है तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत मिलने का समय मांग सकता है।
दरअसल, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों के नेताओं ने प्रदर्शन किया था। विपक्षी नेताओं का कहना था कि वे चुनाव आयोग के सामने अपनी शिकायतें और चिंताएं रखना चाहते हैं। इसी दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और इंडिया गठबंधन के कई अन्य नेता संसद भवन परिसर से चुनाव आयोग की ओर मार्च करने निकले थे।
पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे नेताओं को आगे जाने से रोक दिया था। इसके बाद विपक्षी नेता आकाशवाणी भवन में जाकर बैठ गए और वहां प्रदर्शन किया। पुलिस के साथ काफी देर तक बातचीत के बाद भी प्रदर्शन जारी रहा। बाद में पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में लिया था। कुछ समय बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच चुनाव आयोग का बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयोग ने कहा कि वह राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बातचीत के लिए हमेशा तैयार है। आयोग के अनुसार, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिमंडल पहले भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत आयोग से मिलते रहे हैं। इसलिए भविष्य में भी इसी प्रक्रिया का पालन करते हुए बैठक की जा सकती है।
आयोग ने यह भी साफ किया कि किसी राजनीतिक दल ने अब तक मुलाकात के लिए समय नहीं मांगा है। ऐसे में यह कहना सही नहीं होगा कि आयोग ने किसी दल को मिलने का समय देने से इनकार किया है। आयोग ने कहा कि अगर किसी दल को चुनाव से जुड़े किसी मुद्दे पर चर्चा करनी है तो वह नियमों के अनुसार समय मांग सकता है।
विपक्षी दलों की ओर से चुनाव प्रक्रिया और निर्वाचन से जुड़े कई मुद्दों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। विपक्ष चाहता है कि चुनाव आयोग उनकी शिकायतों को सुने और इन मुद्दों पर स्पष्ट जवाब दे। दूसरी ओर, आयोग का कहना है कि वह सभी राजनीतिक दलों के साथ बातचीत के लिए तैयार है।
इस बयान के बाद अब सबकी नजर इस बात पर है कि विपक्षी दल आयोग से औपचारिक मुलाकात के लिए समय मांगते हैं या नहीं। यदि कोई प्रतिनिधिमंडल समय मांगता है तो तय प्रक्रिया के अनुसार आयोग उसके साथ बैठक कर सकता है।
चुनाव आयोग का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक दलों की बात सुनना जरूरी है। आयोग सभी दलों को अपनी बात रखने का अवसर देने के लिए तैयार है। फिलहाल विवाद का केंद्र यही है कि विपक्ष आयोग से मिलकर अपनी बात रखना चाहता है, जबकि आयोग का कहना है कि बैठक के लिए अब तक औपचारिक अनुरोध नहीं मिला है।









