Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

लोकसभा में स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर तीखी बहस, राहुल गांधी बोले- विपक्ष को बोलने नहीं दिया जाता

लोकसभा में स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर तीखी बहस
लोकसभा में स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर तीखी बहस
[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]
Author Image
Written by
Rishabh Rai

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि विपक्ष को सदन में अपनी बात रखने से बार-बार रोका जाता है।

चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि यह बहस केवल एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि लोकतंत्र और स्पीकर की भूमिका से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि कई मौकों पर उनका नाम लिया गया, लेकिन जब वह अपनी बात रखने के लिए खड़े होते हैं तो उन्हें रोका-टोका जाता है।

Advertisement Box

राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने पिछली बार बोलते हुए प्रधानमंत्री की ओर से ‘कॉम्प्रोमाइज’ का मुद्दा उठाया था। उनके अनुसार संसद देश का प्रतिनिधित्व करती है और यहां सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा हो रहा है जब नेता प्रतिपक्ष को अपनी बात रखने से रोका जा रहा है।

स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर मंगलवार से चर्चा जारी है। बताया गया कि इस प्रस्ताव पर लगभग सात घंटे तक बहस हो चुकी है। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर सदन की कार्यवाही चलाने में पक्षपात कर रहे हैं और सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं।

इस प्रस्ताव को सदन में लाने के लिए विपक्ष के 50 से अधिक सांसदों ने समर्थन में वोट दिया था। इसके बाद पीठासीन अधिकारी ने इसे सदन में चर्चा के लिए मंजूरी दी।

बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने की। उन्होंने कहा कि बजट सत्र के दौरान करीब 20 बार नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने से रोका गया। उनके अनुसार बार-बार उन्हें नियम पुस्तिका दिखाकर रोक दिया गया, जिससे विपक्ष को अपनी बात रखने में कठिनाई हुई।

वहीं सरकार की ओर से इन आरोपों को खारिज किया गया। संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि स्पीकर पर लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने कहा कि ओम बिरला निष्पक्षता के साथ सदन की कार्यवाही चलाते हैं और विपक्ष का यह आरोप राजनीतिक है।

किरन रिजिजू ने विपक्ष के नेता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले कार्यकालों में नेता प्रतिपक्ष बहुत कम बार बोले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार नेता प्रतिपक्ष सदन में अपनी बात कहकर चले जाते हैं और अन्य सदस्यों की बात नहीं सुनते।

इस बीच भाजपा सांसद रवि शंकर प्रशाद ने भी विपक्ष और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है।

लोकसभा में चल रही इस बहस ने एक बार फिर संसद की कार्यप्रणाली, स्पीकर की निष्पक्षता और विपक्ष की भूमिका जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला दिया है। आने वाले समय में इस प्रस्ताव पर होने वाली वोटिंग से यह स्पष्ट होगा कि सदन का बहुमत किस पक्ष में खड़ा है।

आज का राशिफल

वोट करें

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने अपने राहत कार्यक्रम की अगली किस्त जारी करने के लिए पाकिस्तान पर 11 नई शर्तें लगाई हैं। वैश्विक मंच पर क्या यह भारत की बड़ी जीत है?

Advertisement Box
WhatsApp