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सुरों की मलिका आशा भोसले नहीं रहीं, संगीत जगत में शोक की लहर

आशा भोसले
आशा भोसले
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Written by
Rishabh Rai

लखनऊ/मुंबई | अवध सूत्र

भारतीय संगीत जगत की महान गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने रविवार दोपहर ब्रीच कैंडी अस्पताल, मुंबई में अंतिम सांस ली। शनिवार शाम उन्हें यहां भर्ती कराया गया था, जहां मल्टी-ऑर्गन फेल्योर के कारण उनका निधन हो गया।

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अस्पताल के डॉक्टर प्रतीत समदानी के अनुसार, आशा भोसले कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं और उनके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था।परिवार की ओर से उनके बेटे आनंद भोसले ने जानकारी दी कि अंतिम दर्शन के लिए लोग सोमवार सुबह 11 बजे उनके निवास पर आ सकते हैं। उनका अंतिम संस्कार सोमवार शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में किया जाएगा।

आशा भोसले ने अपने लंबे और शानदार करियर में 14 से अधिक भाषाओं में 12,000 से ज्यादा गाने गाए। ‘इन आंखों की मस्ती’, ‘दम मारो दम’, ‘पिया तू अब तो आजा’ और ‘चुरा लिया है तुमने’ जैसे उनके गीत आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं।

वह प्रसिद्ध संगीतकार दीनानाथ मंगेशकर की पुत्री और महान गायिका लता मंगेशकर की छोटी बहन थीं। मात्र 9 वर्ष की आयु में पिता के निधन के बाद उन्होंने लता मंगेशकर के साथ मिलकर परिवार की जिम्मेदारी संभालने के लिए गायन शुरू किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि आशा भोसले भारत की सबसे प्रतिष्ठित और बहुमुखी आवाजों में से एक थीं। उन्होंने कहा कि उनका संगीत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा और उनकी आवाज हमेशा गूंजती रहेगी।

प्रसिद्ध गायक शंकर महादेवन ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह भारतीय संगीत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने आशा भोसले को मां सरस्वती के समान बताया और कहा कि उनका संगीत तब तक जीवित रहेगा जब तक मानवता का अस्तित्व है। आशा भोसले का योगदान भारतीय संगीत इतिहास में हमेशा अमर रहेगा।

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