
अमित शाह ने कोलकाता के होटल नोवोटेल में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए बीजेपी का ‘संकल्प पत्र’ जारी कर दिया है। इसे पार्टी ने “भरोसे का शपथ पत्र” नाम दिया है। इससे पहले बीजेपी ने तृणमूल कांग्रेस सरकार के 15 साल के शासन पर “चार्जशीट” जारी कर हमला बोला था। अब संकल्प पत्र के जरिए पार्टी ने राज्य की राजनीति में विकास, कानून-व्यवस्था और रोजगार को केंद्र में रखकर एक बड़ा चुनावी रोडमैप पेश किया है।
बीजेपी का दावा है कि यह दस्तावेज केवल चुनावी वादों की सूची नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल को “निराशा से निकालकर नए विकास पथ पर ले जाने का ब्लूप्रिंट” है। अमित शाह ने कहा कि यह संकल्प पत्र किसानों, युवाओं और महिलाओं सहित समाज के हर वर्ग को राहत और अवसर देने वाला है।
घोषणापत्र में सबसे बड़ा फोकस कानून-व्यवस्था पर रखा गया है। पार्टी ने दावा किया है कि अगर सत्ता में आती है तो राज्य में “भय की जगह भरोसा” स्थापित किया जाएगा। इसके तहत हर घोटाले की जांच, हर बड़े आपराधिक मामले की फाइल खोलने और दोषियों को जेल भेजने का वादा किया गया है। इसके अलावा राजनीतिक हिंसा की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में आयोग बनाने की बात भी कही गई है।
घुसपैठ का मुद्दा भी इस संकल्प पत्र का प्रमुख हिस्सा है। बीजेपी ने स्पष्ट कहा है कि “जीरो टॉलरेंस नीति” के तहत घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर किया जाएगा और सीमाओं पर सुरक्षा को मजबूत किया जाएगा। यह मुद्दा लंबे समय से पश्चिम बंगाल की राजनीति में संवेदनशील रहा है और चुनावी विमर्श को प्रभावित करता आया है।
आर्थिक मोर्चे पर बीजेपी ने कई बड़े वादे किए हैं। सबसे चर्चित घोषणा बेरोजगार युवाओं को 3000 रुपये मासिक भत्ता देने की है। इसके साथ ही एक करोड़ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है। पार्टी ने कहा है कि छोटे उद्योगों और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देकर राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जाएगा।
किसानों के लिए भी घोषणापत्र में कई योजनाएं शामिल हैं। धान की खरीद 3100 रुपये प्रति क्विंटल करने, चाय बागानों के पुनर्जीवन और जूट उद्योग के आधुनिकीकरण की बात कही गई है। साथ ही कृषि उत्पादों के बेहतर मूल्य सुनिश्चित करने के लिए नई नीतियों का वादा किया गया है।
महिलाओं को लेकर भी बीजेपी ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। इनमें राज्य परिवहन में मुफ्त बस यात्रा, महिला थानों का विस्तार और 33 प्रतिशत आरक्षण जैसे वादे शामिल हैं। इसके अलावा 75 लाख “लखपति दीदी” बनाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत किया जा सके।
बीजेपी ने यह भी कहा है कि अगर सरकार बनी तो यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को 6 महीने के भीतर लागू किया जाएगा। साथ ही केंद्र सरकार की योजनाओं को पूरी तरह लागू करने की बात कही गई है, जिन्हें राजनीतिक कारणों से राज्य में रोका गया।
शिक्षा और उद्योग के क्षेत्र में भी बड़े वादे किए गए हैं। उत्तर बंगाल में एम्स, आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थान स्थापित करने की घोषणा की गई है। इसके अलावा औद्योगिक विकास के लिए 100 दिनों के भीतर रोडमैप तैयार करने का दावा किया गया है।
कुल मिलाकर बीजेपी का यह संकल्प पत्र पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा संदेश देने की कोशिश है। यह केवल घोषणाओं की सूची नहीं बल्कि एक राजनीतिक रणनीति भी है, जिसमें कानून-व्यवस्था, घुसपैठ, रोजगार और विकास को मुख्य चुनावी मुद्दा बनाया गया है।






