
फर्जी डिग्री और नौकरी के नाम पर 2.34 करोड़ की ठगी, एक और आरोपी गिरफ्तार
नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर में फर्जी डिग्री और सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
करीब 2 करोड़ 34 लाख रुपये की इस ठगी का खुलासा तब हुआ, जब शिकायतकर्ता संजय निराला ने 17 फरवरी को रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोप है कि ठगों ने पोस्ट ऑफिस में नौकरी दिलाने और फर्जी प्रमाण पत्र देने का झांसा देकर उनसे और उनके रिश्तेदारों से भारी रकम वसूल ली, लेकिन न नौकरी दिलाई और न ही कोई वैध दस्तावेज दिया।
साक्षी सिंह की गिरफ्तारी: जांच के दौरान पुलिस ने उत्तर प्रदेश निवासी साक्षी सिंह को दिल्ली से गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि वह गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर फर्जी डिग्रियों के नेटवर्क का हिस्सा थी।
फर्जी MBBS-BAMS डिग्री बनाकर ठगी: आरोपी साक्षी सिंह ने स्वीकार किया कि वह साथियों के साथ मिलकर MBBS और BAMS की फर्जी डिग्रियां तैयार करती थी। इनका इस्तेमाल लोगों को गुमराह कर उनसे पैसे ऐंठने में किया जाता था।
मोबाइल जब्त, नेटवर्क खंगाल रही पुलिस: पुलिस ने आरोपी के कब्जे से तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। डिजिटल जांच के जरिए पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपियों की पहचान की जा रही है।
पहले गिरफ्तार हो चुके आरोपी: इससे पहले पुलिस भुनेश्वर बंजारे, नरेश मनहर, हीरा दिवाकर और राकेश रात्रे को गिरफ्तार कर चुकी है। सभी के खिलाफ थाना सिविल लाइन में मामला दर्ज है।
गंभीर धाराओं में केस दर्ज: आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं—318(4), 335, 336(2), 338(3), 340(1), 340(2), 3(5) और 111—के तहत मामला दर्ज किया गया है, जो धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर अपराधों से संबंधित हैं।
पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह है और इसके पीछे बड़े नेटवर्क की आशंका है। मामले में आगे की जांच जारी है।








