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दीपों की आरती, बच्चों का मुखपाठ और गिनिस रिकॉर्ड: वडोदरा में महंत स्वामी महाराज का 92वां जन्मजयन्ती

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Written by
Rishabh Rai

2 फरवरी 2026 को वडोदरा में परम पूज्य महंत स्वामी महाराज का 92वां जन्मजयन्ती महोत्सव अत्यंत भव्यता, गहन भक्तिभाव और सांस्कृतिक समर्पण के साथ आयोजित किया गया। यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था, बल्कि भारतीय सनातन संस्कृति के गौरव और प्रेरणा का प्रतीक भी बन गया।

इस महोत्सव में परम पूज्य महंत स्वामी महाराज की दिव्यता, उनका अहं-शून्य जीवन और उच्च आध्यात्मिक स्थिति स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हुई। बी.ए.पी.एस. के वरिष्ठ संतों ने उनके जीवन, गुणों और समाजोपयोगी कार्यों पर प्रकाश डालते हुए प्रेरणादायी उद्बोधन दिए। इस अवसर पर गुजरात के माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्रभाई पटेल तथा मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी भी उपस्थित रहे और परम पूज्य महंत स्वामी महाराज को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ अर्पित कीं।

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इस महोत्सव की एक महत्वपूर्ण विशेषता रही गिनिस वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा परम पूज्य महंत स्वामी महाराज को प्रदान किया गया विशेष सम्मान। गिनिस वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अधिकारी इंग्लैंड से पधारकर इस अवसर पर उपस्थित हुए और ‘Largest Simultaneous Hindu Text Recital’ के लिए महंत स्वामी महाराज को सम्मानित किया। इस रिकॉर्ड के तहत 3 से 13 वर्ष की आयु के 15,666 बच्चों ने मात्र एक वर्ष में सत्संगदीक्षा ग्रंथ के 315 श्लोकों का पूर्ण मुखपाठ और गायन किया। यह विश्व में एक ऐतिहासिक और अद्वितीय उपलब्धि है।

सत्संगदीक्षा ग्रंथ, जिसे परम पूज्य महंत स्वामी महाराज ने रचित किया है, 315 श्लोकों से युक्त है और यह आध्यात्मिक, नैतिक, सामाजिक और व्यावहारिक जीवन में प्रेरणा प्रदान करता है। बच्चों द्वारा इसका सामूहिक मुखपाठ न केवल गहन अनुशासन और समर्पण का परिचायक है, बल्कि यह भारतीय सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का अद्भुत प्रयास भी है।

इस महोत्सव के दौरान आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा को सशक्त बनाने के उद्देश्य से परम पूज्य महंत स्वामी महाराज ने मोबाइल पाठशाला का शुभारंभ किया। इसके साथ ही बच्चों के लिए विशेष यूट्यूब चैनल ‘BAPS Kids’ की शुरुआत भी की गई, जिससे डिजिटल माध्यम के माध्यम से ज्ञान और आध्यात्मिक शिक्षा घर-घर पहुँचे। इसके अलावा, परम पूज्य महंत स्वामी महाराज द्वारा रचित ग्रंथ ‘Insights from the Satsang Diksha’ का विमोचन भी इस अवसर पर संपन्न हुआ।

महोत्सव में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमितभाई शाह का शुभकामना संदेश पढ़ा गया, जिसे उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से सुना। राज्य और केंद्र के नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी विशेष बना दिया। मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव ने जन्मस्थान जबलपुर का उल्लेख करते हुए गौरव और आनंद की भावना व्यक्त की।

भव्य आयोजन के दौरान लाखों दीपों से की गई सामूहिक आरती ने महंत स्वामी महाराज के चरणों में उपस्थित सभी भक्तों को भावविभोर कर दिया। मंत्रपुष्पांजलि द्वारा सभी श्रद्धालुओं ने अपने गुरु के प्रति असीम भक्ति और प्रेम व्यक्त किया। परम पूज्य महंत स्वामी महाराज ने अपने आशिर्वचनों से उपस्थित सभी को उन्नत आध्यात्मिक जीवन की प्रेरणा दी और भक्तों को कर्म, भक्ति और ज्ञान के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।

इस भव्य आयोजन की तैयारियाँ तीन महीनों से अधिक समय तक चलीं, जिसमें बी.ए.पी.एस. के 800 संतों और 14,000 स्वयंसेवकों ने समर्पित भाव से सेवा की। वडोदरा नगर निगम ने सुरक्षा, संरक्षा और आवश्यक सेवाओं के संचालन में पूर्ण सहयोग दिया, जिससे यह महोत्सव सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से सम्पन्न हो सका।

दिव्यता और भक्ति का यह महोत्सव केवल स्थल पर उपस्थित भक्तों तक सीमित नहीं रहा। भारत और विदेशों में असंख्य भक्तों और शुभचिंतकों ने live.baps.org और आस्था भजन चैनल के माध्यम से इस कार्यक्रम का ऑनलाइन प्रसारण देखा और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।

इस प्रकार वडोदरा में परम पूज्य महंत स्वामी महाराज का 92वां जन्मजयन्ती महोत्सव न केवल एक आध्यात्मिक समारोह बनकर उभरा, बल्कि यह शिक्षा, सेवा, अनुशासन और भारतीय संस्कृति के गौरव का प्रतीक भी बना। यह आयोजन श्रद्धा, विनम्रता, निष्काम सेवा और उच्च आध्यात्मिक जीवन के संदेश को घर-घर पहुँचाने का माध्यम साबित हुआ।महंत स्वामी महाराज की प्रेरणा और उनके अनवरत कार्य सभी के लिए मार्गदर्शक हैं। दो लाख से अधिक भक्तों की उपस्थिति, 15,666 बच्चों द्वारा किए गए सामूहिक श्लोक पाठ और विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त गिनिस वर्ल्ड रिकॉर्ड्स- यह सब मिलकर इस महोत्सव को इतिहास में अमिट और अविस्मरणीय बना देते हैं।

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