
उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पूरी होने के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के आंकड़े सार्वजनिक कर दिए गए हैं। इस संबंध में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि SIR के बाद राज्य में कुल 12 करोड़ 55 लाख मतदाताओं के गणना प्रपत्र प्राप्त हुए हैं, जिनके आधार पर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट तैयार की गई है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, इस ड्राफ्ट लिस्ट में 46.23 लाख मतदाता मृत पाए गए हैं, जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। इसके अलावा 2.17 करोड़ मतदाता ऐसे हैं, जो स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं या लंबे समय से अपने पते पर अनुपस्थित पाए गए। वहीं, 25.47 लाख मतदाता एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत मिले हैं, जिनका नाम केवल एक स्थान पर ही वैध माना जाएगा। इन सभी कारणों से कुल 2.89 करोड़ नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं।
नवदीप रिणवा ने बताया कि 6 जनवरी से 6 फरवरी तक मतदाताओं को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया है। यदि किसी मतदाता का नाम ड्राफ्ट लिस्ट में गलत है या शामिल नहीं है, तो वह निर्धारित समयसीमा के भीतर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक मतदाता का पंजीकरण केवल एक ही स्थान पर मान्य होगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि सभी दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद 6 मार्च को उत्तर प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। ड्राफ्ट लिस्ट में नाम न होने की स्थिति में फॉर्म-6 भरकर आवेदन किया जा सकता है। इस प्रक्रिया के तहत करीब 1.4 करोड़ मतदाताओं को नोटिस भेजे जाएंगे।
इसके साथ ही रिणवा ने बताया कि राज्य में 15,030 नए मतदान बूथ स्थापित किए गए हैं, ताकि मतदाताओं को वोट डालने में अधिक सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि 91 प्रतिशत से अधिक मैपिंग का कार्य पूरा हो चुका है, जिससे मतदान प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुगम बनाया जा सकेगा। चुनाव आयोग का कहना है कि यह पूरी कवायद मतदाता सूची को शुद्ध और सटीक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।









