
मुंबई : 117 साल पुरानी क्राइम ब्रांच बिल्डिंग ढहाई गई, ऐतिहासिक पत्थरों से बनेगी ‘यादगार दीवार’
मुंबई पुलिस की गौरवशाली विरासत की पहचान मानी जाने वाली 117 साल पुरानी क्राइम ब्रांच की ऐतिहासिक इमारत को आखिरकार शुक्रवार को ढहा दिया गया। 1908 में बनी यह बिल्डिंग न केवल वास्तुकला का अनमोल नमूना थी, बल्कि मुंबई पुलिस के इतिहास का मूक साक्षी भी रही। प्रशासन की ओर से बताया गया कि पुरानी संरचना जर्जर हो चुकी थी और सुरक्षा कारणों से इसे गिराना आवश्यक था।
हालांकि, इस बिल्डिंग की ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम भी उठाया गया है। इमारत के मूल पत्थरों और प्रमुख हिस्सों को सुरक्षित संरक्षित कर लिया गया है। इन पत्थरों का उपयोग नायगांव स्थित नए पुलिस हेडक्वार्टर परिसर में एक मजबूत और भव्य ‘यादगार दीवार’ (Heritage Wall) बनाने के लिए किया जाएगा, ताकि भावी पीढ़ियां मुंबई पुलिस की इस गौरवशाली यात्रा से अवगत रह सकें।
117 वर्षों के सफर में इस बिल्डिंग ने कई ऐतिहासिक घटनाओं को अपनी आंखों के सामने घटित होते देखा। स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की गिरफ्तारी से लेकर 26/11 के मुंबई हमले के बाद आतंकी अजमल कसाब से पूछताछ तक, यह इमारत हमेशा पुलिस की क्षमता, साहस और दृढ़ता की प्रतीक रही।
कई बड़े संगठित अपराध मामलों, अंडरवर्ल्ड से जुड़े ऑपरेशनों और हाई-प्रोफाइल जांचों का संचालन इसी भवन से होता रहा। यह स्थान न केवल अपराध नियंत्रण का मुख्य केंद्र था, बल्कि मुंबई पुलिस की ताकत और जुझारूपन का भी प्रतीक माना जाता था।
नई निर्माण परियोजना के तहत यहां आधुनिक सुविधाओं से लैस एक अत्याधुनिक पुलिस हेडक्वार्टर बनाया जाएगा। हालांकि पुरानी बिल्डिंग अब भौतिक रूप से मौजूद नहीं है, लेकिन उसकी स्मृतियां और उसका महत्व नई ‘यादगार दीवार’ के रूप में हमेशा जीवित रहेगा। यह दीवार मुंबई पुलिस की उस विरासत को सलामी देगी जिसने सदियों तक शहर की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाए रखा।









