सांसें हुईं जहरीली: खराब हुई दिल्ली-एनसीआर की हवा, आज बढ़ सकता है प्रदूषण का ग्राफ, गाजियाबाद का हाल सबसे खराब
दशहरा से एक दिन पहले ही दिल्ली-एनसीआर की हवा खराब श्रेणी में पहुंच गई है। सबसे खराब हवा की गुणवत्ता 248 एक्यूआई के साथ गाजियाबाद की रही है। वहीं, फरीदाबाद को छोड़कर सभी शहरों की खराब श्रेणी में दर्ज हुई। केंद्र की एजेंसी सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फॉरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) का पूर्वानुमान है कि अगले तीन दिनों तक हवा की गुणवत्ता में बदलाव देखने को मिल सकता है। बारिश होने की स्थिति में हवा की सेहत में सुधार की संभावना है। सफर के मुताबिक, बुधवार को 2.5 माइक्रोमीटर से बड़े कणों की पीएम 10 में 55 फीसदी हिस्सेदारी रही है। अगले तीन दिनों तक हवा की रफ्तार 15 से 28 किलोमीटर प्रतिघंटा रह सकती है। यदि ठीक-ठाक बारिश हो गई तो हवा की गुणवत्ता सुधर सकती है। अभी पराली के धुएं के हिस्सेदारी दिल्ली के प्रदूषण में न के बराबर दर्ज हो रही है। अगले कुछ दिनों में इसकी हिस्सेदारी दर्ज की जाएगी। बीते 24 घंटे में पीएम 10 का स्तर 177 व पीएम 2.5 का स्तर 80 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। मौसमी परिस्थितियों की वजह से इस साल कम होगा प्रदूषण का प्रभाव सफर के मुताबिक, बीते वर्ष के मुकाबले इस साल अक्तूबर और नवंबर में प्रदूषण का कम प्रभाव देखने को मिल सकता है। इसके लिए मौसमी परिस्थितियां प्रमुख रूप से जिम्मेदार हैं। सफर की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल मानसून की विदाई तय समय से देरी से हुई है। साथ ही मानसून बीतने के बाद अभी वातावरण में गर्मी बरकरार है। इस बार दिवाली भी अक्तूबर में है और एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन बन रहा है। इन सभी परिस्थितियों की वजह से हवा की सेहत धीरे-धीरे बिगड़ेगी।









