Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

गर्मी निकालने वालों को अखिलेश यादव का जवाब, गर्मी निकले न निकले अगर राज्य में SP की सरकार आती है तो भर्ती जरूर निकलेगी 

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]
Author Image
Written by

गर्मी निकालने वालों को अखिलेश यादव का जवाब, गर्मी निकले न निकले अगर राज्य में SP की सरकार आती है तो भर्ती जरूर निकलेगी 

लखनऊ,  उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के दौरान नेताओं के बीच बढ़ती बयानबाजी थमने का नाम ही नहीं ले रही है. बीते दिनों सीएम योगी आदित्यनाथ ने हापुड़ जिले में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए विपक्षी पार्टियों पर जमकर निशाना साधा था. उन्होंने कहा, ‘ये गर्मी जो अभी कैराना और मुजफ्फरनगर में दिखाई दे रही है, मैं मई और जून की गर्मी में भी ‘शिमला’ बना देता हूं।

वहीं योगी के इस बयान पर कई विपक्षों ने उन्हें घेरना शुरू कर दिया है. इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक चुनावी रैली में योगी के बयान पर कहा, ‘गर्मी निकालने वालों को हम कहना चाहते हैं कि गर्मी निकले न निकले अगर राज्य में SP की सरकार आती है तो भर्ती जरूर निकलेगी. चाहे हमें फौज में भर्ती निकालनी पड़े।

Advertisement Box

बता दें कि इससे पहले भी 4 फरवारी को अखिलेश ने सीएम योगी के इसी बयान पर तंज कसते हुए कहा था, “क्‍या हमारे मुख्‍यमंत्री कंप्रेसर हैं जो गर्मी निकाल देंगे?’ उन्होंने कहा कि योगी को पता होना चाहिए कि जिस दिन गर्मी खत्म हो जाएगी, उस दिन हम लोग मर जाएंगे।

वहीं मथुरा की एक जनसभा में आरएलडी चीफ जयंत चौधरी ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गर्मी निकालने के बयान के जवाब में कहा, ”ऐसा भर-भर के वोट दो, ईवीएम मशीन को ऐसा भरके दो, नलके-हैंडपंप के बटन को ऐसा दबाओ कि बीजेपी की जो चर्बी चढ़ रही है, सारे नेताओं की चर्बी उतार दो आप।

इसके अलावा AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी से पूछा कि कृषि कानून वापस लेते समय ये गर्मी कहां चली गई थी. असदुद्दीन ओवैसी इतने पर नहीं रूके और पलटवार करते हुए कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी पर ताना मार दिया. ओवैसी ने कहा, “मुख्यमंत्री योगी की विशेषता यह है कि वह जिन्ना पर बात करते हैं और मई-जून में गर्मी पैदा करते हैं. अगर बाबा मई और जून में गर्मी पैदा कर रहे थे तो 2021 जून-जुलाई में ऑक्सीजन क्यों नहीं दे पाए? गंगा मे लाशें बह रही थी. लोगों को दवाएं नहीं मिली।

आज का राशिफल

वोट करें

'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद दुनिया के सामने रोज बेनकाब हो रहे पाकिस्तान को दी गई एक अरब डॉलर की मदद पर क्या अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष को फिर से विचार करना चाहिए?

Advertisement Box

और भी पढ़ें

WhatsApp