Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

नामीबिया ने लगायी स्पूतनिक के इस्तेमाल पर रोक इससे पहले साऊथ अफ्रीका ने भी लगायी थी रोक 

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]
Author Image
Written by

नामीबिया ने लगायी स्पूतनिक के इस्तेमाल पर रोक इससे पहले साऊथ अफ्रीका ने भी लगायी थी रोक

विंडहोक, नामीबिया के स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि वह पड़ोसी दक्षिण अफ्रीका द्वारा उठाई गईं चिंताओं के बाद रूस निर्मित स्पुतनिक वी कोविड -19 वैक्सीन के उपयोग को बंद कर दिया है। कुछ समय पहले ही पड़ोसी देश दक्षिण अफ्रीका ने स्पूतनिक वैक्सीन को लेकर चिंता जाहिर की थी। दरअसल, यह माना जा रहा है कि स्पूतनिक-वी वैक्सीन लेने वाले पुरुषों में एचआईवी होने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।

पड़ोसी दक्षिण अफ्रीका ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि वह स्पुतनिक वी को मंजूरी नहीं देगा, क्योंकि, स्पूतनिक-वी वैक्सीन लेने वाले पुरुषों में एचआईवी होने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। स्पूतनिक-वी वैक्सीन को विकसित करने वाले जमेलिया रिसर्च इंस्टीट्यूट ने हालांकि इस फैसले पर नाखुशी जाहिर की है। इंस्टीट्यूट ने कहा है कि नामीबिया का फैसला किसी साइंटिफिक एविडेंस या रिसर्च पर आधारित नहीं है।

Advertisement Box

दक्षिण अफ्रीकी नियामक SAHPRA ने फैसला लिया है कि वह अपने देश में स्पूतनिक-वी के आपात इस्तेमाल को मंजूरी नहीं देगा। इसके पीछे दवा नियामक ने कहा है कि कुछ शोधों से यह पता लगता है कि स्पूतनिक-वी में एडेनोवायरस टाइप 5 वेक्टर है, जिसके इस्तेमाल से पुरुषों में एचाईवी होने की आशंका कई गुना तक बढ़ जाती है। माना जा रहा है ये सांस के संक्रमण का कारण बनता है।

दवा नियामक ने कहा है कि कुछ शोधों से यह पता चला है कि स्पूतनिक-वी में एडेनोवायरस टाइप 5 वेक्टर है, जिसके इस्तेमाल से पुरुषों में एचाईवी होने की आशंका बढ़ जाती है। नामीबिया के स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि जब तक कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा इसे आपातकालीन उपयोग के लिए इजाजत नहीं मिल जाती है। मालूम हो कि भारत में भी स्पूतनिक-वी वैक्सीन को आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिल गई थी। हालांकि, अभी तक ऐसी कोई आशंका सामने नहीं आई है।

आज का राशिफल

वोट करें

'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद दुनिया के सामने रोज बेनकाब हो रहे पाकिस्तान को दी गई एक अरब डॉलर की मदद पर क्या अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष को फिर से विचार करना चाहिए?

Advertisement Box

और भी पढ़ें

WhatsApp