राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर राज्यपाल ने मुख्य सचिव को तलब किया

जिन लोगों ने सत्तारूढ़ पार्टी को वोट नहीं दिया उन्हें घर छोड़कर भागना पड़ा है।” राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था के उदाहरण के तौर पर गत 17 मई को नारदा मामले तृणमूल कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई कार्यालय और राजभवन के बाहर जुटी भारी भीड और भाजपा नेताओं के सामाजिक बहिष्कार संबंधी फरमान का उल्लेख किया है। दरअसल विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में फैली हिंसा को लेकर राज्यपाल जगदीप धनखड़ लगातार चिंता व्यक्त करते आ रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा भी किया था।
ट्वीटर पर राज्यपाल ने हिंसा में पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाया है। राज्यपाल ने ट्वीटर पर लिखा है कि पुलिस प्रशासन इन मामलों में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है जिसके कारण यह परिस्थिति बनी हुई है। इस बारे में पुलिस क्या कदम उठा रही है जानने के लिए राज्यपाल ने नये मुख्य सचिव को तलब किया है। राज्यपाल के ट्वीट पर तृणमूल कांग्रेस प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि राज्य में वैक्सीन की जरूरत को लेकर राज्यपाल को प्रधानमंत्री के साथ बैठक करते नहीं देखा गया। लेकिन चुनाव बीतते ही भाजपा जिस तरह से राज्य में हिंसा फैला रही है और उसकी वकालत राज्यपाल कर रहे हैं। इससे पता चलता है कि वे सचमुच राजनीति कर रहे हैं। तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने ट्वीट कर राज्यपाल को दिल्ली जाकर नई नौकरी तलाश करने की नसीहत दी है।









