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भारत ने ब्रिक्स की 15 वीं वर्षगांठ पर चीन ने मदद का दिया भरोसा ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका का शक्तिशाली समूह है

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भारत ने ब्रिक्स की 15 वीं वर्षगांठ पर चीन ने मदद का दिया भरोसा ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका का शक्तिशाली समूह है

भारत ने ब्रिक्स की 15 वीं वर्षगांठ पर चीन ने मदद का दिया भरोसा ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका का शक्तिशाली समूह है

भारत का साथ देते हुए चीन ने मंगलवार को कहा है कि वह किसी भी तरह की मदद मुहैया करवाएगा। ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों के साथ हुई बातचीत के दौरान चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा, ”महामारी की एक नई लहर के बीच मैं एक बार फिर से भारत के प्रति अपनी सहानुभूति व्यक्त करता हूं। इस कठिन समय में, चीन समेत सभी ब्रिक्स देश भारत के साथ खड़े हुए हैं। जब तक भारत को इसकी आवश्यकता होगी, चीन सहित सभी ब्रिक्स भागीदार आगे समर्थन प्रदान करेंगे।

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि भारत निश्चित ही इस महामारी से बाहर आएगा। ब्रिक्स दुनिया की अग्रणी उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं जैसे- ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका का शक्तिशाली समूह है। ब्रिक्स तंत्र का उद्देश्य शांति, सुरक्षा, विकास और सहयोग को बढ़ावा देना है। वर्चुअल तरीके से हुई इस बैठक की अध्यक्षता भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने की। वांग यी के अलावा, बैठक में ब्राजील के विदेश मंत्री कार्लोस अल्बर्टो फ्रेंको, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री ग्रेस नलेदी मैंडिसा पंडोर ने भाग लिया।

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पने उद्घाटन भाषण में, जयशंकर ने कहा, “भारत ने ब्रिक्स की 15 वीं वर्षगांठ पर अध्यक्षता ग्रहण की है। 2006 में न्यूयॉर्क में पहली बार हमारे विदेश मंत्रियों की मुलाकात से हम एक लंबा सफर तय कर चुके हैं। हमारे समूह का मार्गदर्शन करने वाले सिद्धांत लगातार बने हुए हैं।” वहीं, ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले चीन ने मंगलवार को कहा था कि वह साझा चिंता के मुद्दों पर इस पांच सदस्यीय समूह के अन्य देशों के साथ विचारों का आदान-प्रदान करने, एक दूसरे के रुख में तालमेल करने तथा आम-सहमति बनाने को लेकर आशान्वित है।

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