
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विपक्ष के खिलाफ ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के नारे के साथ पदयात्रा निकाली। इस पदयात्रा में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में निकली यह पदयात्रा परिवर्तन चौक पहुंची। यहां नेताओं और कार्यकर्ताओं की भारी मौजूदगी देखने को मिली। पदयात्रा के जरिए भाजपा ने विपक्ष के खिलाफ अपना राजनीतिक विरोध दर्ज कराया।
शिवराज सिंह चौहान ने किया नेतृत्व
पदयात्रा का नेतृत्व केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया। उनके साथ उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी भी मौजूद रहे। इसके अलावा सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर और अपना दल (एस) के नेता आशीष पटेल ने भी पदयात्रा में भाग लिया।
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ सहयोगी दलों के प्रमुख नेताओं की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना दिया। पदयात्रा में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए और निर्धारित मार्ग से होते हुए परिवर्तन चौक पहुंचे।
विपक्ष के खिलाफ भाजपा का राजनीतिक अभियान
भाजपा ने इस पदयात्रा को विपक्ष के खिलाफ अपने राजनीतिक अभियान के रूप में आयोजित किया। ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ का नारा देकर पार्टी ने विपक्ष की राजनीतिक भूमिका और उसके रवैये पर सवाल उठाने का संदेश दिया।
पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पदयात्रा के माध्यम से अपने समर्थन और एकजुटता का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में भाजपा के संगठनात्मक पदाधिकारियों और विभिन्न स्तरों के कार्यकर्ताओं की भागीदारी भी देखने को मिली।
सहयोगी दलों के नेताओं की भी रही मौजूदगी
इस पदयात्रा की एक खास बात यह रही कि इसमें भाजपा के साथ उसके सहयोगी दलों के नेताओं ने भी सक्रिय भागीदारी की। ओम प्रकाश राजभर और आशीष पटेल की मौजूदगी ने गठबंधन की एकजुटता का संदेश दिया। वहीं, शिवराज सिंह चौहान, ब्रजेश पाठक और पंकज चौधरी जैसे वरिष्ठ नेताओं की सहभागिता से कार्यक्रम को व्यापक राजनीतिक महत्व मिला।
परिवर्तन चौक पर जुटे कार्यकर्ता
पदयात्रा के परिवर्तन चौक पहुंचने पर बड़ी संख्या में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही। पूरे कार्यक्रम में पार्टी के नारे और कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने को मिला। भाजपा ने इस आयोजन के जरिए विपक्ष के खिलाफ अपना रुख स्पष्ट करते हुए कार्यकर्ताओं को एकजुट करने का प्रयास किया।







