
पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा राघव चड्ढा की सुरक्षा वापस लिए जाने के बाद केंद्र सरकार ने उन्हें उच्च स्तर की सुरक्षा प्रदान करने का फैसला किया है। गृह मंत्रालय ने इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की थ्रेट परसेप्शन रिपोर्ट के आधार पर राघव चड्ढा को Z श्रेणी की सुरक्षा देने का निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था के तहत उन्हें दिल्ली और पंजाब में Z सुरक्षा कवर मिलेगा, जबकि अन्य राज्यों में Y प्लस श्रेणी की सुरक्षा जारी रहेगी।
Z श्रेणी की सुरक्षा भारत में उच्चतम सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। इसमें लगभग 22 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाते हैं, जिनमें 4 से 6 NSG कमांडो शामिल होते हैं। इनके अलावा दिल्ली पुलिस, ITBP, CRPF और स्थानीय पुलिस के जवान भी सुरक्षा घेरे का हिस्सा होते हैं। यह सुरक्षा आमतौर पर उन व्यक्तियों को दी जाती है, जिन्हें गंभीर खतरे की आशंका होती है।
इस घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। आम आदमी पार्टी और केंद्र सरकार के बीच पहले से चल रहे तनाव के बीच यह फैसला कई सवाल खड़े करता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम न केवल सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसके राजनीतिक निहितार्थ भी हो सकते हैं।
गौरतलब है कि पंजाब में 2022 में AAP सरकार बनने के बाद राघव चड्ढा को राज्य सरकार द्वारा सुरक्षा प्रदान की गई थी। लेकिन हाल के दिनों में पार्टी के साथ उनके संबंधों में आई खटास के चलते यह सुरक्षा वापस ले ली गई। ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा तुरंत Z सुरक्षा देना एक बड़ा कदम माना जा रहा है।









