
पश्चिम बंगाल: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रचार अभियान को नई धार दे दी है। रविवार को नंदकुमार विधानसभा क्षेत्र में जनसभा को संबोधित करते हुए योगी ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बांग्ला भाषा और बंगाली अस्मिता को केंद्र में रखकर टीएमसी पर गंभीर आरोप लगाए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा, जो कहते हैं कि बंगाल में उर्दू बोली जाएगी, उनसे कह दो- उर्दू जहां बोली जाती है, वहां चले जाएं। बंगाल में बांग्ला ही बोली जाएगी।” अपने संबोधन में उन्होंने टीएमसी पर आरोप लगाया कि पार्टी बांग्ला भाषा को समाप्त करना चाहती है और बंगाल को खत्म करने की साजिश रच रही है। इस साजिश को सफल नहीं होने देना है, उन्होंने जोर देकर कहा।
मुख्यमंत्री योगी ने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भी एक पोस्ट किया, जिसमें नंदकुमार विधानसभा क्षेत्र के वासियों का आभार व्यक्त किया। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि बंगाल की जनता बांग्ला भाषा और अपनी सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए आगे आएगी। योगी का यह बयान चुनावी माहौल को और गर्माने वाला साबित हो रहा है।
भाषा और अस्मिता का मुद्दा बना केंद्र
पश्चिम बंगाल में भाषाई पहचान हमेशा से संवेदनशील मुद्दा रहा है। योगी आदित्यनाथ ने इसे लेकर टीएमसी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की सरकार बंगाली संस्कृति को कमजोर करने और उर्दू को बढ़ावा देने की नीति पर चल रही है। “बंगाल बांग्ला भाषा का है, बंगालियों का है। इसे किसी भी साजिश से बचाना होगा,” उन्होंने कहा।
जनसभा में मौजूद बड़ी संख्या में हिंदी भाषी श्रोताओं ने योगी के भाषण का जोरदार स्वागत किया। यूपी सीएम के चिर-परिचित आक्रामक अंदाज और स्पष्टवादी बयानों ने भीड़ को आकर्षित किया। नंदकुमार क्षेत्र में हिंदी बोलने वाले कई कार्यकर्ता और स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचे थे। योगी ने कहा कि बीजेपी बंगाल को “बंगाली अस्मिता” और विकास दोनों के साथ आगे बढ़ाएगी।
चुनावी रणनीति: बीजेपी की पूरी ताकत
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दो चरणों- 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होने वाला है। बीजेपी इस बार टीएमसी को सत्ता से बेदखल करने के लिए एडी-चोटी का जोर लगा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पहले से ही लगातार रैलियां कर रहे हैं। अब योगी आदित्यनाथ जैसे प्रभावशाली नेताओं की रैलियों से पार्टी ने माहौल को और साधने की कोशिश की है।
सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री भी बंगाल में प्रचार के लिए आ सकते हैं। बीजेपी का मानना है कि योगी की लोकप्रियता और हिंदुत्व के एजेंडे को मिलाकर टीएमसी के खिलाफ एक मजबूत narrative तैयार किया जा सकता है। योगी ने नंदकुमार की जनसभा में स्थानीय मुद्दों जैसे विकास, कानून व्यवस्था और बांग्ला संस्कृति की रक्षा पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा, ‘टीएमसी ने बंगाल को हिंसा, भ्रष्टाचार और सांस्कृतिक क्षरण के रास्ते पर ले लिया है। बीजेपी इसे बदलने आई है।’ योगी ने दावा किया कि केंद्र और राज्य में बीजेपी की सरकार बंगाल को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
टीएमसी पर लगातार हमले
योगी आदित्यनाथ ने टीएमसी पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी पार्टी बंगाल की बांग्ला भाषा को समाप्त कर उर्दू को प्राथमिकता दे रही है, जो बंगाली जनता के साथ धोखा है। “बंगाल समाप्त करना चाहती है टीएमसी। यह साजिश रुकेगी,” उन्होंने चेतावनी दी।
स्थानीय बीजेपी कार्यकर्ताओं ने बताया कि योगी का भाषण पार्टी के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भर गया है। नंदकुमार विधानसभा क्षेत्र टीएमसी का गढ़ माना जाता है, लेकिन योगी की रैली के बाद यहां बीजेपी की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
हिंदी-बांग्ला एकता का संदेश
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में हिंदी और बांग्ला भाषी लोगों के बीच एकता का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता में एकता है और भाषा किसी को विभाजित नहीं कर सकती। लेकिन बंगाल में बांग्ला की प्रधानता बनी रहनी चाहिए।
जनसभा में मौजूद एक स्थानीय बंगाली महिला ने कहा, “योगी जी ने सही कहा। हमारी भाषा और संस्कृति की रक्षा होनी चाहिए।” वहीं, एक हिंदी भाषी कार्यकर्ता ने कहा कि योगी का आना पार्टी के लिए गेम चेंजर साबित हो रहा है।
बीजेपी की चुनावी तैयारियां
बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ की यह रैली पूरे चुनाव अभियान का हिस्सा है। पार्टी 23 और 29 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले अधिक से अधिक रैलियां आयोजित कर जनता तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रही है। अमित शाह और पीएम मोदी के बाद योगी का बंगाल दौरा पार्टी की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। टीएमसी की ओर से अभी इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पार्टी के कार्यकर्ता इसे ‘भाषाई विभाजन’ की कोशिश बता रहे हैं।
नंदकुमार में योगी का आभार
अपने एक्स पोस्ट में योगी ने लिखा, नंदकुमार के मेरे बंगाली भाई-बहनों का हार्दिक आभार। आपकी अपार श्रद्धा और प्रेम के लिए धन्यवाद। बंगाल की अस्मिता और विकास के लिए हम सब मिलकर काम करेंगे। जय बंगला, जय हिंद।






