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दिल्ली में 4.5 करोड़ की नशीली दवाओं के साथ ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़, 4 आरोपी गिरफ्तार

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Bureau Report

दिल्ली में 4.5 करोड़ की नशीली दवाओं के साथ ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़, 4 आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. इस कार्रवाई में करीब 4.5 करोड़ रुपये कीमत की साइकोट्रॉपिक दवाएं बरामद की गई है. साथ ही चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. डीसीपी एएनटीएफ राहुल अलवाल के मुताबिक, शिव विहार तिराहा पर जाल बिछाकर सबसे पहले नितिन पाठक (20) को पकड़ा गया. उसके पास से भारी मात्रा में अल्प्राजोलम और ट्रामाडोल टैबलेट्स बरामद हुईं. पूछताछ के आधार पर पुलिस ने आगे कार्रवाई करते हुए भोपुरा स्थित मेडिकल स्टोर पर छापा मारा और प्रेम सिंह यादव को गिरफ्तार किया, जहां से बड़ी मात्रा में ट्रामाडोल कैप्सूल मिले. इसके बाद लक्ष्मी नगर निवासी शालू कुमार और संजय सिंह को भी गिरफ्तार किया गया.

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जांच में सामने आया कि आरोपी अवैध तरीके से प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की सप्लाई कर रहे थे और भारी मुनाफा कमा रहे थे. कुल मिलाकर 3.539 किलो अल्प्राजोलम और 1.709 किलो ट्रामाडोल बरामद किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 4.5 करोड़ रुपये आंकी गई है. यह बरामदगी इस बात का संकेत है कि गिरोह बड़े स्तर पर नशे का कारोबार चला रहा था. डीसीपी एएनटीएफ राहुल अलवाल ने कहा कि “यह कार्रवाई नशे के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार है. हमारी टीम लगातार खुफिया जानकारी के आधार पर ऐसे गिरोहों को खत्म करने में जुटी है. भविष्य में भी इस तरह के ऑपरेशन जारी रहेंगे.” फिलहाल, पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और सप्लाई चेन की जांच कर रही है, ताकि पूरे गिरोह को जड़ से खत्म किया जा सके.

नकली प्रोटीन सप्लीमेंट बनाने और बेचने वाले गिरोह का खुलासा

राजधानी में नकली प्रोटीन सप्लीमेंट बनाने और बेचने वाले गिरोह के खिलाफ क्राइम ब्रांच की टीम ने कार्रवाई करते हुए एक और आरोपी नवीन कुमार उर्फ बंजारा (32) को गिरफ्तार किया है. आरोपी हरियाणा का रहने वाला है और दिल्ली के रानी खेड़ा इलाके में अवैध फैक्ट्री चला रहा था. पुलिस के अनुसार, इससे पहले इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 150 किलो नकली सप्लीमेंट और फर्जी ब्रांड स्टिकर बरामद किए गए थे. आगे की जांच में नवीन कुमार की भूमिका सामने आई, जिसके बाद छापेमारी कर उसे दबोचा गया. छापेमारी के दौरान पुलिस ने 26 सीलबंद नकली सप्लीमेंट कंटेनर, बड़ी मात्रा में फर्जी स्टिकर-होलोग्राम, सैकड़ों खाली जार, फ्लेवर पाउडर, कच्चा माल और सप्लीमेंट बनाने की मशीनें बरामद की है. इसके अलावा एक कंप्यूटर भी मिला है, जिसमें फर्जी ब्रांड स्टिकर के डिजाइन मौजूद है. डीसीपी क्राइम ब्रांच पंकज कुमार ने कहा कि “यह गिरोह लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहा था. नकली सप्लीमेंट बनाकर बाजार में बेचने से उपभोक्ताओं को गंभीर नुकसान हो सकता है. हमारी टीम पूरे नेटवर्क की पहचान कर इसे जड़ से खत्म करने के लिए कार्रवाई कर रही है।

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