
हाल ही में मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बैठक में पीएम मोदी ने देश में लॉकडाउन लगाए जाने की अफवाहों पर स्पष्ट रूप से विराम लगा दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में किसी भी तरह का राष्ट्रीय लॉकडाउन लगाने की योजना नहीं है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विभिन्न माध्यमों से भ्रामक खबरें फैल रही थीं और आम जनता में अनिश्चितता का माहौल बन रहा था।
प्रधानमंत्री ने इस बैठक में “टीम इंडिया” की भावना को सबसे महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय ही किसी भी संकट से निपटने की कुंजी है। उन्होंने मुख्यमंत्रियों से अपील की कि वे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हित में एकजुट होकर काम करें।
सरकार की प्राथमिकताओं पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्थिक और व्यापारिक स्थिरता बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही ऊर्जा सुरक्षा, नागरिकों के हितों की रक्षा और उद्योगों के साथ सप्लाई चेन को मजबूत बनाए रखना भी केंद्र की प्रमुख जिम्मेदारियां हैं। उन्होंने राज्यों को निर्देश दिया कि वे आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा न आने दें और जमाखोरी तथा मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र को लेकर भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने उर्वरकों के भंडारण और वितरण की निगरानी पर जोर देते हुए कहा कि एडवांस प्लानिंग से ही भविष्य की चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। बदलती परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी स्तरों पर मजबूत समन्वय बनाने की आवश्यकता पर भी उन्होंने बल दिया।
इसके अलावा सीमावर्ती और तटीय राज्यों के लिए विशेष रणनीति अपनाने की बात कही गई, ताकि शिपिंग, आवश्यक सप्लाई और समुद्री गतिविधियों में किसी भी प्रकार की बाधा तुरंत दूर की जा सके।
अंत में, प्रधानमंत्री ने गलत सूचनाओं और अफवाहों के खिलाफ सतर्क रहने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सही और विश्वसनीय जानकारी का प्रसार ही जनता के विश्वास को बनाए रखने में मदद करेगा। यह बैठक इस बात का संकेत है कि सरकार वर्तमान चुनौतियों का सामना संतुलित और समन्वित तरीके से करने के लिए प्रतिबद्ध है।






