
नई दिल्ली: भारतीय रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार (27 मार्च, 2026) को भारतीय वायुसेना और सेना के लिए रूस सहित विभिन्न स्रोतों से हथियार और सिस्टम की खरीद के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। यह फैसला रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। बैठक में लगभग 2.38 लाख करोड़ रुपये की लागत वाले कई बड़े हथियार और विमान खरीद प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई।
S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की अतिरिक्त बैटरी
DAC की बैठक में भारतीय वायुसेना के लिए रूस से लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की अतिरिक्त बैटरी खरीदने को मंजूरी दी गई। यह सिस्टम वायुसेना को आधुनिक वायु रक्षा क्षमताओं से लैस करेगा और देश की आकाश रक्षा क्षमता को और मजबूत करेगा।
वायुसेना के अन्य हथियार और विमान
बैठक में मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, रिमोटली पायलटेड स्ट्राइक एयरक्राफ्ट और Su-30 एयरो इंजन एग्रीगेट्स के ओवरहाउल की भी मंजूरी दी गई।
मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट AN-32 और IL-76 के बेड़े में शामिल होंगे और वायुसेना की रणनीतिक, सामरिक और ऑपरेशनल एयरलिफ्ट जरूरतों को पूरा करेंगे।
रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट आक्रामक जवाबी कार्रवाई और को-ऑर्डिनेटेड एयर ऑपरेशन्स में सहायता करेगा। यह स्टील्थ इंटेलिजेंस, निगरानी और टोही गतिविधियों में भी सहायक होगा।
भारतीय सेना के लिए हथियार और सिस्टम
भारतीय सेना की जरूरतों को देखते हुए भी कई हथियारों और सिस्टम की खरीद को मंजूरी दी गई है:
एयर डिफेंस ट्रैक्ड सिस्टम: रियल-टाइम वायु रक्षा नियंत्रण और रिपोर्टिंग क्षमता प्रदान करेगा।
आर्मर-पियसिंग टैंक एम्युनिशन: टैंक और जमीनी लड़ाई की क्षमताओं को बढ़ाएगा।
हाई कैपेसिटी रेडियो रिले: भरोसेमंद और निर्बाध संचार सुनिश्चित करेगा।
धनुष गन सिस्टम: सेना की आर्टिलरी क्षमता को मजबूत करेगा, जिससे लंबी दूरी तक सटीक निशाने पर हमला संभव होगा।
रनवे इंडिपेंडेंट एरियल सर्विलांस सिस्टम: सीमावर्ती और रणनीतिक क्षेत्रों में निगरानी की क्षमताओं को बढ़ाएगा।
तटरक्षक बल के लिए आधुनिक वाहनों की खरीद
DAC ने भारतीय तटरक्षक बल के लिए हेवी ड्यूटी एयर कुशन व्हीकल्स की खरीद को भी मंजूरी दी। ये वाहन मल्टी-पर्पस समुद्री तटीय अभियानों में इस्तेमाल किए जाएंगे, जिनमें हाई-स्पीड तटीय पेट्रोलिंग, टोही-खोज अभियान, बचाव अभियान, जहाजों और कर्मियों के लॉजिस्टिक परिवहन शामिल हैं।







