
सरकारी तेल कंपनियों ने 20 मार्च 2026 को प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा की है। भारत पेट्रोलियम (BPCL) के स्पीड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के पावर और इंडियन ऑयल (IOCL) के XP95 जैसे प्रीमियम वैरिएंट्स की कीमतें ₹2.09 से ₹2.35 प्रति लीटर तक बढ़ा दी गई हैं। सामान्य पेट्रोल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
भोपाल में प्रीमियम पेट्रोल की कीमत अब लगभग ₹117 प्रति लीटर के आसपास पहुंच गई है। उदाहरण के लिए:
HPCL (पावर): ₹116.77 (पुराना: ₹114.59, बढ़ोतरी: ₹2.18)
BPCL (स्पीड): ₹116.29 (पुराना: ₹114.11, बढ़ोतरी: ₹2.18)
IOCL (XP95): ₹115.86 (पुराना: ₹113.68, बढ़ोतरी: ₹2.18)
यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण हुई है। ईरान युद्ध के चलते ग्लोबल क्रूड ऑयल कीमतें $100 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जबकि इंडियन बास्केट की कीमत फरवरी के औसत $69 से बढ़कर मार्च में $156 प्रति बैरल तक पहुंच गई है। यह युद्ध स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण रूट्स पर सप्लाई प्रभावित कर रहा है, जिससे तेल कंपनियां घाटे से बचने के लिए प्रीमियम फ्यूल पर एडजस्टमेंट कर रही हैं।
प्रीमियम पेट्रोल सामान्य पेट्रोल से 10-12 रुपये महंगा रहता है, क्योंकि इसमें उच्च ऑक्टेन वैल्यू (95-100) होती है। सामान्य पेट्रोल का ऑक्टेन 91 होता है, जबकि प्रीमियम में स्पेशल एडिटिव्स और महंगी रिफाइनिंग प्रक्रिया के कारण बेहतर परफॉर्मेंस, कम नॉकिंग और इंजन की लंबी उम्र मिलती है।
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार, प्रीमियम पेट्रोल की बिक्री कुल पेट्रोल बिक्री का मात्र 3-4% है। इसलिए इसका असर सीमित है, लेकिन अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहीं तो सामान्य पेट्रोल-डीजल की कीमतें भी बढ़ सकती हैं।
क्या प्रीमियम पेट्रोल जरूरी है?
सामान्य कार/बाइक (100cc से 1500cc): नहीं, सामान्य पेट्रोल ही काफी है।
लग्जरी/स्पोर्ट्स कार: अगर मैनुअल में 95+ ऑक्टेन सुझाया गया है, तो प्रीमियम ही इस्तेमाल करें, वरना नॉकिंग हो सकती है।
पुरानी गाड़ियां: कभी-कभी इंजन सफाई के लिए फायदेमंद हो सकता है।
इसके अलावा, इंडियन ऑयल ने इंडस्ट्रियल फ्यूल (फर्नेस ऑयल, LDO आदि) की कीमत में भी करीब 25% की बढ़ोतरी की है। अब यह ₹87.67 से बढ़कर ₹109.59 प्रति लीटर हो गया है। यह फैक्टरियों, बॉयलरों और पावर प्लांट्स में इस्तेमाल होता है, जिससे औद्योगिक लागत बढ़ सकती है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट संकट जारी रहा तो ईंधन कीमतों पर और दबाव आएगा, लेकिन फिलहाल सरकार और कंपनियां उपभोक्ताओं को सामान्य पेट्रोल पर राहत देने की कोशिश कर रही हैं।








