
एमपी में गैस संकट पर सरकार का कड़ा एक्शन 1116 जगहों पर छापे, 1825 सिलिंडर जब्त
नई दिल्ली: भोपाल। प्रदेश में रविवार को 1.20 लाख घरेलू रसोई गैस सिलिंडरों की आपूर्ति की गई। वहीं, एलपीजी की कालाबाजारी तथा जमाखोरी रोकने के लिए प्रदेश में 1,116 स्थानों पर कार्रवाई कर 1825 सिलिंडर जब्त किए गए। आठ प्रकरण में एफआइआर की गई। साथ ही औद्योगिक एवं वाणिज्यिक संस्थाओं से कहा गया है कि वे उपलब्धता अनुसार पीएनजी के कनेक्शन लें। पीएनजी की आपूर्ति लगातार बनी हुई है और आगे भी जारी रहेगी। अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण रश्मि अरुण शमी ने सोमवार को मंत्रालय में खाद्य विभाग के अधिकारियों तथा आयल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ पेट्रोल, डीजल, पीएनजी, सीएनजी तथा घरेलू गैस की आपूर्ति को लेकर समीक्षा की।
रविवार को भी हुआ वितरण, कलेक्टरों को सख्त निर्देश
आयल कंपनियों के प्रतिनिधि ने बताया कि रविवार को अवकाश के बाद भी तीनों गैस कंपनियों द्वारा 1,20,000 गैस सिलिंडर घरेलू उपभोक्ताओं को वितरित किए। वहीं, सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए गए कि सूचना-तंत्र सुदृढ़ कर अवैध जमाखोरी और कालाबाजारी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करें। यदि कहीं वितरण व्यवस्था में अनियमितता या विलंब की शिकायत मिलती है, तो उस पर तत्काल कार्रवाई कर उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराई जाए।
ग्वालियर अंचल: बुकिंग और डिलीवरी का संकट बरकरार
अब भी समय से डिलीवरी न होने की शिकायतें ग्वालियर अंचल में मिल रही हैं। एलपीजी सिलिंडर बुकिंग की समस्या अब तक नहीं सुलझ पाई है। उपभोक्ताओं के पास अब बुकिंग के बाद मैसेज पहुंच रहे हैं कि 24 घंटे में बुकिंग सेटल कर दी जाएगी। वहीं 25 दिन बाद की बुकिंग के नियम के बाद भी सिलिंडर समय पर डिलीवर नहीं हो पा रहे हैं। व्यावसायिक (कमर्शियल) सिलिंडर की डिलीवरी भी सामान्य नहीं हो पाई है। सिर्फ इमरजेंसी सेवाओं के लिए कमर्शियल सिलिंडर मिल पा रहे हैं। कमर्शियल सिलिंडर की डिलीवरी के लिए गैस एजेंसियों को अभी निर्देश नहीं मिले हैं और न ही कमर्शियल सिलिंडर का स्टाक मिला है।
विंध्य-महाकोशल: छोटे शहरों में लंबी कतारें और अफरातफरी
विंध्य-महाकोशल के छोटे शहरों में अब भी अफरातफरी की स्थिति है। एजेंसियों पर लंबी कतारें लग रही हैं। सीधी शहर में समस्या बनी हुई है। नरसिंहपुर में भी एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की भीड़ नजर आई। पहले एक दिन में करीब 200 टंकियां (सिलिंडर) बुक होती थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़कर लगभग 1000 तक पहुंच गई है, जिससे पेंडेंसी बढ़ रही है। शहडोल में अभी कमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति शुरू नहीं हुई है। छिंदवाड़ा में सिलिंडर की भारी किल्लत बनी हुई है। कटनी में तीन दिन बाद उपभोक्ताओं को सिलिंडर दिए जा रहे हैं।
भोपाल संभाग: पैनिक में कमी, पर ऑनलाइन बुकिंग में उलझन
भोपाल संभाग में पैनिक कम तो हुआ है लेकिन ऑनलाइन बुकिंग में अब भी परेशानी है। डिलीवरी को लेकर शिकायतें भी कम हुई हैं। जहां गुजरे हफ्ते 250 शिकायतें हर दिन मिलीं वह संख्या घटकर अब 40 रह गई है। व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति आई है, लेकिन उन्हें सरकारी और सार्वजनिक संस्थाओं को ही उपलब्ध कराया जा रहा है। इस बीच प्रशासन ने चार स्थानों पर छापा मारकर 45 सिलिंडर जब्त किए हैं, इनमें से 24 घरेलू सिलिंडर हैं।
इंदौर संभाग: अस्पतालों और छात्रावासों को प्राथमिकता
व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति में अस्पतालों, छात्रावासों को प्राथमिकता दी जा रही है। इंदौर संभाग में घरेलू गैस सिलिंडरों की बुकिंग सामान्य दिनों की अपेक्षा करीब दस प्रतिशत बढ़ गई थी। इससे वितरकों पर सप्लाई का दबाव बढ़ा और सिलिंडर चार से पांच दिन बाद डिलीवर हो रहे थे, जो अब दो से तीन दिनों में डिलीवरी होने लगे हैं। व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की सप्लाई के मोर्चे पर भी राहत के संकेत हैं। अस्पतालों, शासकीय और निजी छात्रावासों को प्राथमिकता के आधार पर सप्लाई दी जा रही है। इसके लिए प्रशासन ने एजेंसियों को सूची उपलब्ध कराई है।








