
नई दिल्ली: डिजिटल पहल, प्रशासनिक फेरबदल और सुरक्षा पर फोकस
राजधानी दिल्ली में मंगलवार को शासन-प्रशासन से जुड़ी कई अहम घोषणाएं और घटनाक्रम सुर्खियों में रहे। डिजिटल भूमि प्रबंधन, व्हॉट्सऐप के जरिए सरकारी सेवाएं, बड़े पैमाने पर प्रशासनिक तबादले और पुलिस की नई परियोजनाएं प्रमुख रहीं।
हर जमीन को मिलेगा यूनिक पहचान नंबर
दिल्ली सरकार ने राजधानी की प्रत्येक जमीन को 14 अंकों का यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर (ULPIN) देने की पहल शुरू की है। सरकार का कहना है कि इससे भूमि अभिलेख डिजिटल रूप से सुरक्षित और पारदर्शी बनेंगे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे भू-विवाद कम करने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन को मजबूती देगी।
50 सेवाएं अब WhatsApp पर
सरकार ‘व्हॉट्सऐप गवर्नेंस प्रोजेक्ट’ के तहत अगले महीने से ट्रायल शुरू कर सकती है। इस पहल के जरिए जन्म प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र सहित करीब 50 सेवाएं सीधे मोबाइल पर उपलब्ध कराने की तैयारी है। अधिकारियों के अनुसार, उद्देश्य यह है कि नागरिकों को छोटे कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
72 अधिकारियों का तबादला
प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 72 वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला किया गया है। एजीएमयूटी कैडर के कई आईएएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सरकार का कहना है कि इससे विभागों के बीच समन्वय और कार्यकुशलता बढ़ेगी।
स्थापना दिवस पर 10 नई परियोजनाएं
दिल्ली पुलिस ने 16 फरवरी को अपना 79वां स्थापना दिवस मनाया। समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 10 नई परियोजनाओं की घोषणा की। इनमें स्मार्ट निगरानी प्रणाली और आधुनिक तकनीक से लैस सुरक्षा उपाय शामिल हैं।
JNU में रैली और नारेबाजी
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में छात्र संगठन जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर रैली निकाली। रैली के दौरान कुछ विवादित नारे लगाए जाने की खबर है, जिससे राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रिया देखी जा रही है।
यमुना एक्सप्रेसवे पर पुरानी स्पीड लिमिट बहाल
यमुना एक्सप्रेसवे पर कोहरे के कारण घटाई गई गति सीमा को बहाल कर दिया गया है। अब हल्के वाहन 100 किमी/घंटा और भारी वाहन 80 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकेंगे।









