
महाराष्ट्र की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक और संवेदनशील मोड़ आया है, जब सुनेत्रा पवार ने राज्य के उपमुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण किया, और इस तरह वे महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बन गईं। सुनेत्रा पवार का यह शपथ ग्रहण उनके दिवंगत पति अजित पवार के निधन के महज चौथे दिन हुआ, जिनका विमान हादसे में बुधवार को निधन हो गया था।
शपथ ग्रहण समारोह शुक्रवार शाम मुंबई के लोक भवन में आयोजित किया गया, जहाँ महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने सुनेत्रा पवार को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित अन्य सत्तारूढ़ महायुत सरकार के नेताओं की मौजूदगी में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। वहाँ उपस्थित कार्यकर्ताओं ने ‘अजित दादा अमर रहें’ के नारे भी लगाए।
इस राजनीतिक बदलाव में शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले की अनुपस्थिति विशेष रूप से चर्चा का विषय रही। दोनों प्रमुख नेता शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए, और शरद पवार ने कहा कि उन्हें इस निर्णय के बारे में पूर्व में जानकारी नहीं दी गई थी। उनके न आने से पार्टी के भीतर चल रहे मतभेदों और रणनीतिक असहमतियों पर भी सवाल उठे हैं।
सुनेत्रा पवार अभी राज्यसभा सदस्य हैं और उन्हें डिप्टी सीएम बनने के लिए अपने सांसद पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा है। वे अब महाराष्ट्र की राजनीति में एक नई भूमिका निभाएंगी, जिसमें उन्हें राजनीतिक नेतृत्व और पार्टी संगठन को संतुलित करना होगा, खासकर ऐसे समय में जब पार्टी के अलग-अलग धड़ों के बीच भविष्य की दिशा पर बहस चल रही है।
इस शपथ ग्रहण के साथ न केवल महाराष्ट्र के प्रशासन में एक महिला की एंट्री का नया अध्याय जुड़ा है, बल्कि राजनीति में पारिवारिक विरासत और नेतृत्व के सवाल भी नई उन्नति पर हैं।









