
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का भरोसेमंद माने जाने वाला PSLV-C62 रॉकेट मिशन के दौरान रास्ते से भटक गया, जिससे यह मिशन असफल हो गया। यह रॉकेट 15 उपग्रहों को लेकर अंतरिक्ष में रवाना हुआ था, जिनमें प्रमुख उपग्रह ‘अन्वेषा’ भी शामिल था। इसरो की ओर से बताया गया कि उड़ान के तीसरे चरण में तकनीकी गड़बड़ी आने के कारण रॉकेट अपने निर्धारित पथ से विचलित हो गया और मिशन को पूरा नहीं किया जा सका।
इसरो के अनुसार, प्रक्षेपण के शुरुआती दो चरण सामान्य रूप से सफल रहे। पहले और दूसरे चरण के प्रदर्शन में कोई असामान्यता नहीं पाई गई। हालांकि, तीसरे चरण के सक्रिय होते ही सिस्टम के प्रदर्शन में गिरावट दर्ज की गई। इसके चलते रॉकेट आवश्यक वेग और ऊंचाई हासिल नहीं कर सका, जिससे उपग्रहों को उनकी तय कक्षा में स्थापित करना संभव नहीं हो पाया।
PSLV-C62 के जरिए कुल 15 सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजे जा रहे थे। इनमें अन्वेषा उपग्रह को वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी प्रयोगों के लिए अहम माना जा रहा था। इसके अलावा अन्य छोटे उपग्रहों का उपयोग संचार, पृथ्वी अवलोकन और शैक्षणिक प्रयोगों के लिए किया जाना था। मिशन के असफल होने से इन सभी परियोजनाओं को झटका लगा है।
इसरो ने कहा है कि वह इस विफलता को गंभीरता से ले रहा है और विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं। विशेषज्ञों की एक समिति तीसरे चरण में आई गड़बड़ी के कारणों का विश्लेषण करेगी, ताकि भविष्य में ऐसी त्रुटियों से बचा जा सके। इसरो ने यह भी स्पष्ट किया कि PSLV अब तक विश्वसनीय प्रक्षेपण यान रहा है और इस एक असफलता से उसकी समग्र क्षमता पर सवाल नहीं उठते।








