
वेनेजुएला की राजधानी काराकास में आधी रात को जोरदार धमाकों ने पूरे देश को हिला दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि अमेरिकी सेना ने ‘बड़े पैमाने पर स्ट्राइक’ की और वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो तथा उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर देश से बाहर उड़ा लिया गया है। ट्रंप के अनुसार, यह ऑपरेशन अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर किया गया।
धमाके स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 2 बजे शुरू हुए, जब कम उड़ान भरते विमानों की आवाजें और कम से कम सात विस्फोट सुनाई दिए। लक्ष्य में फुएर्ते तिउना सैन्य अड्डा, फ्रांसिस्को दे मिरांडा एयरबेस और ला गुआइरा बंदरगाह शामिल थे। वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने राज्य टीवी पर कहा कि मादुरो और उनकी पत्नी का ठिकाना अज्ञात है तथा अमेरिका से ‘जीवन का प्रमाण’ मांगा। सरकार ने इसे ‘साम्राज्यवादी हमला’ करार दिया और राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया।
ट्रंप प्रशासन लंबे समय से मादुरो पर नार्को-टेररिज्म के आरोप लगा रहा है। 2020 से मादुरो पर अमेरिकी अदालत में मुकदमा चल रहा है, जिसमें उन्हें ‘कार्टेल दे लोस सोलेस’ का नेता बताया गया है। ट्रंप ने 2025 में इनाम 50 मिलियन डॉलर तक बढ़ाया और मादुरो को अवैध राष्ट्रपति घोषित किया। 2024 चुनावों में धांधली के आरोपों के बाद अमेरिका ने मादुरो की वैधता नहीं मानी। ट्रंप मादुरो को ‘नार्को-स्टेट’ चलाने और अमेरिका में ड्रग्स पहुंचाने का जिम्मेदार ठहराते हैं। साथ ही, वेनेजुएला के तेल संसाधनों और चीन-रूस से निकटता भी अमेरिकी नीति का कारण बताई जा रही है।
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी ने कहा कि मादुरो दंपति पर नार्को-टेररिज्म के आरोप लगेंगे और न्यूयॉर्क कोर्ट में मुकदमा चलेगा। रूस-ईरान ने हमले की निंदा की, जबकि कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने इसे सराहा। वेनेजुएला में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं, भविष्य अनिश्चित है।









