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पूर्व गृहमंत्री शिवराज पाटिल का 90 वर्ष की उम्र में निधन, इंदिरा- राजीव के विश्वसनीय सहयोगी रहे

पूर्व गृहमंत्री शिवराज पाटिल का 90 वर्ष की उम्र में निधन
पूर्व गृहमंत्री शिवराज पाटिल का 90 वर्ष की उम्र में निधन
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Written by
Rishabh Rai

देश की राजनीति में शालीनता, संतुलन और अनुशासन के प्रतीक माने जाने वाले वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल का 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे पाटिल ने अपने राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए देश की नीतिगत दिशा को प्रभावित किया। उनका जाना भारतीय राजनीति के एक ऐसे दौर का अंत है, जब संयम और संवाद को शासन के मूल आदर्शों में गिना जाता था।

शिवराज पाटिल इंदिरा गांधी और राजीव गांधी- दोनों के ही सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाते थे। लोकसभा अध्यक्ष के तौर पर उनकी कार्यशैली को आज भी शिष्टाचार और निष्पक्षता के आदर्श उदाहरण के रूप में याद किया जाता है। संसदीय परंपराओं के प्रति उनका सम्मान इतना दृढ़ था कि विपक्ष भी उनके संचालन की पारदर्शिता और संतुलन का अक्सर उल्लेख करता रहा।

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वे 2004 में मनमोहन सिंह सरकार में गृहमंत्री बने। हालांकि, 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों ने देश को हिला दिया और इसकी प्रतिक्रिया में उन्होंने अपने पद की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए त्यागपत्र दिया। भारतीय राजनीति में नैतिक जवाबदेही के उदाहरण कम मिलते हैं, इसीलिए उनका यह कदम आज भी याद किया जाता है।

पाटिल का राजनीतिक सफर महाराष्ट्र के लातूर से शुरू हुआ, जहां वे कई बार सांसद चुने गए। प्रशासनिक क्षमता, संयत व्यवहार और व्यापक अध्ययन की आदत उनकी पहचान थी। वे कई भाषाओं के ज्ञाता, साहित्य और दर्शन के छात्र तथा आध्यात्मिक चिंतन के भी अभ्यासी थे।उनके निधन से कांग्रेस पार्टी ने एक अनुभवी मार्गदर्शक खो दिया, जबकि राष्ट्रीय राजनीति ने एक शांत, ठोस और सिद्धांतनिष्ठ नेता। उनके समकालीनों का मानना है कि पाटिल जैसे नेता संसदीय संस्कृति को गरिमा प्रदान करते थे—जिसकी आज और भी अधिक आवश्यकता महसूस होती है।

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