
बेंगलुरु- राइड-हेलिंग दिग्गज उबर ने भारत में अपनी लॉजिस्टिक्स क्षमताओं को नई ऊंचाई देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने ‘उबर डायरेक्ट’ नामक B2B लॉजिस्टिक्स सेवा की शुरुआत की, जो ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) पर आधारित है। यह सेवा खासतौर पर बेंगलुरु में लॉन्च हुई है, जहां उबर की बाइक फ्लीट का इस्तेमाल करके ग्रॉसरी और अन्य डिलीवरी को हैंडल किया जाएगा। साथ ही, उबर ऐप पर नम्मा मेट्रो टिकटिंग की सुविधा भी शुरू हो गई है, जो दिल्ली, मुंबई और चेन्नई के बाद अब बेंगलुरु में उपलब्ध है।
उबर इंडिया एंड साउथ एशिया के प्रेसिडेंट प्रभजीत सिंह ने लॉन्च के मौके पर कहा, “बेंगलुरु इनोवेशन का प्लेग्राउंड है। ONDC के साथ हमारी एकीकरण को गहरा करने के लिए यह शहर एकदम सही जगह है। उबर डायरेक्ट B2B लॉजिस्टिक्स में हमारी एंट्री है, जो बिजनेस को प्लग-एंड-प्ले सॉल्यूशन देगी।” यह सेवा उबर कूरियर से अलग है, जो उपभोक्ताओं के लिए डायरेक्ट बुकिंग पर आधारित है। उबर डायरेक्ट बैकग्राउंड में काम करती है—ग्राहक किसी ब्रांड की ऐप या वेबसाइट पर ऑर्डर देते हैं, और उबर का डिलीवरी पार्टनर बिना किसी डायरेक्ट इंटरैक्शन के सामान पहुंचाता है।
शुरुआत में, यह सेवा जेप्टो और KPN फार्म फ्रेश जैसी कंपनियों के लिए ग्रॉसरी डिलीवरी करेगी। जल्द ही KFC, बर्गर किंग, टैको बेल और रेबेल फूड्स जैसे QSR ब्रांड्स के फूड ऑर्डर्स को भी कवर किया जाएगा। उबर का कहना है कि यह भारत के लास्ट-माइल लॉजिस्टिक्स मार्केट में नया राजस्व स्रोत बनेगा, जहां शैडोफैक्स, डेल्हीवरी और लोडशेयर जैसे प्लेयर्स पहले से मौजूद हैं। ONDC के एक्टिंग CEO विभोर जैन ने कहा, “उबर का यह विस्तार इंटरऑपरेबल कॉमर्स की ताकत दिखाता है, जो बिजनेस को स्टैंडर्डाइज्ड लॉजिस्टिक्स लेयर देगा।”
उबर की यह मूव भारत में मल्टी-सर्विस मोबिलिटी और कॉमर्स को मजबूत करने की दिशा में है। कंपनी की बढ़ती टू-व्हीलर फ्लीट को अब राइड्स, कूरियर और B2B लॉजिस्टिक्स के लिए मल्टी-यूज एसेट के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। 2026 में यह सेवा अन्य शहरों और ई-कॉमर्स कैटेगरी में भी फैलेगी। फिलहाल, बेंगलुरु के ड्राइवर्स ग्रॉसरी, एसेंशियल्स और गिफ्ट्स की डिलीवरी कर रहे हैं।
B2B और B2C सेवाएं: एक सरल समझ
B2B (बिजनेस-टू-बिजनेस) और B2C (बिजनेस-टू-कंज्यूमर) दो मुख्य बिजनेस मॉडल हैं, जो ट्रांजेक्शन के टारगेट पर आधारित हैं। नीचे एक तुलनात्मक टेबल में इनकी मुख्य विशेषताएं दी गई हैं:
| विशेषता | B2B (बिजनेस-टू-बिजनेस) | B2C (बिजनेस-टू-कंज्यूमर) |
|---|---|---|
| परिभाषा | एक बिजनेस दूसरे बिजनेस को प्रोडक्ट/सर्विस बेचता है। | बिजनेस सीधे अंतिम उपभोक्ता (व्यक्ति) को बेचता है। |
| उदाहरण | उबर डायरेक्ट जेप्टो को लॉजिस्टिक्स सर्विस देता है। | उबर कूरियर से व्यक्ति सामान मंगवाता है। |
| ग्राहक संख्या | कम (कई कंपनियां), लेकिन बड़े ऑर्डर। | ज्यादा (लाखों व्यक्ति), छोटे ऑर्डर। |
| सेल्स साइकिल | लंबा (नेगोशिएशन, कॉन्ट्रैक्ट्स)। | छोटा (त्वरित खरीदारी)। |
| फोकस | विश्वास, स्केलेबिलिटी, कस्टमाइजेशन। | ब्रांडिंग, इमोशनल अपील, डिस्काउंट। |
| ट्रांजेक्शन वैल्यू | ऊंची (हजारों-करोड़ों)। | कम (सैकड़ों-हजारों)। |
| मार्केटिंग | प्रोफेशनल नेटवर्किंग, ROI-बेस्ड। | सोशल मीडिया, ऐड्स, कंज्यूमर एक्सपीरियंस। |









