
लखनऊ: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए लड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समाज को अपने मूल्यों और परंपराओं के लिए सचेत रहना चाहिए और इनकी सुरक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
कार्यक्रम में भागवत ने यह भी कहा कि केवल शब्दों या विचारों से बदलाव नहीं आता, बल्कि समाज के प्रत्येक सदस्य को अपने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने युवाओं से विशेष अपील की कि वे अपने परिवार और समाज के हित में सक्रिय योगदान दें।
इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि RSS का कार्यभार सामाजिक समर्थन और जनता की भागीदारी से चलता है, विदेशी फंडिंग या बाहरी संसाधनों से नहीं। उन्होंने कहा कि संघ हमेशा समाज के विकास और राष्ट्रीय एकता के लिए काम करता रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने यह भी जोर दिया कि सामाजिक संस्थाओं और स्वयंसेवी संगठनों के योगदान से ही समाज सशक्त बनता है और जनता के विश्वास से ही उनकी पहचान मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि RSS की दिशा और कार्य जनता की भलाई के लिए हमेशा केंद्रित रहे हैं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और भागवत के संदेश को सुनकर उपस्थित लोगों में उत्साह और देशभक्ति की भावना दिखाई दी। सोशल मीडिया पर भी इस कार्यक्रम की खूब चर्चा हुई।
विश्लेषकों के अनुसार, यह बयान संघ और सरकार के दृष्टिकोण को स्पष्ट करता है कि धर्म और संस्कृति की सुरक्षा के लिए सामाजिक सक्रियता जरूरी है और इसे केवल सरकारी या बाहरी संसाधनों पर निर्भर नहीं किया जा सकता।







