
अंकित शुक्ला, ABVP के सक्रिय छात्र नेता, कहते हैं कि छात्र राजनीति का असली मकसद केवल पद या पहचान नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के वास्तविक मुद्दों का स्थायी समाधान और समाज के लिए सक्षम नेतृत्व तैयार करना है। यह विचार ABVP की जमीनी कार्यशैली और लगातार सक्रियता में स्पष्ट रूप से दिखता है।
विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में जब-जब छात्र किसी समस्या से जूझे हैं—चाहे वह फीस वृद्धि हो, छात्रावास की सुविधाओं की कमी हो, परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियाँ हों या रोजगार के अवसरों का अभाव—ABVP और उसके कार्यकर्ता सबसे आगे रहे हैं। अंकित शुक्ला भी उन्हीं युवाओं में से हैं जो कैंपस से लेकर प्रशासन तक आवाज़ उठाते और समाधान के लिए दबाव बनाते रहे हैं।
अंकित शुक्ला का मानना है कि आज का छात्र सिर्फ़ पढ़ाई नहीं चाहता; वह अपने भविष्य की सुरक्षा, पारदर्शिता और अवसर चाहता है। इसी सोच के साथ ABVP का एजेंडा कुछ इस तरह केंद्रित है
शिक्षा में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना
पढ़ाई के साथ रोजगार के व्यावहारिक मौके बढ़ाना
कैंपस में सुरक्षित, शांत और लोकतांत्रिक माहौल बनाए रखना
छात्रों को संगठित कर राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनाना।
ABVP की ताक़त उसके विचारधारात्मक प्रशिक्षण और जमीनी उपस्थिति में निहित है। अंकित शुक्ला जैसे नेताओं की सक्रियता यह दिखाती है कि संगठन केवल नारों तक सीमित नहीं—बल्कि समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं को तैयार करता है।
छात्रों के लिए अब ज़रूरी यह है कि वे नेतृत्व चुनें जो उन्हें सिर्फ़ वादे न दे, बल्कि ठोस कार्य कर उनके भविष्य को मजबूत करे। ऐसे मौके पर ABVP और अंकित शुक्ला जैसी आवाज़ें छात्रों को संगठित कर, उन्हें आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनाने का काम कर रही हैं।








