
नई दिल्ली, 1 अगस्त 2025
डोनाल्ड ट्रंप के व्हाइट हाउस में लौटते ही वैश्विक व्यापार की राजनीति एक बार फिर उथल-पुथल की ओर बढ़ रही है। अमेरिका ने भारत समेत 92 देशों पर भारी-भरकम 25% आयात शुल्क (टैरिफ) लागू कर दिया है। ट्रंप की “Reciprocal Tariffs” नीति के तहत यह कदम उन देशों को चेतावनी है, जिन्हें अमेरिका ‘न्यायोचित व्यापार भागीदार’ नहीं मानता।
भारत, जो पहले ही अप्रैल 2025 में 26% टैरिफ झेल चुका है, अब फिर इस नई सूची में शामिल है। ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि यह ‘न्याय की पुनर्स्थापना’ है, पर भारत समेत कई देशों के लिए यह आर्थिक दंड जैसा है। भारत के निर्यातकों को अब अमेरिकी बाजार में अधिक लागत और प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा। खासतौर पर टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्टील और दवा उद्योग पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। वहीं ट्रंप प्रशासन घरेलू उद्योग को मज़बूत करने के नाम पर वैश्विक व्यापार प्रणाली को चुनौती दे रहा है।अमेरिकी अदालतों में इस नीति की वैधता पर बहस जारी है, लेकिन तब तक भारत को इस अतिरिक्त भार के साथ रणनीतिक व्यापार फैसले लेने होंगे।









