
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की। बैठक में पार्टी प्रमुख मायावती ने संगठन को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर पदाधिकारियों को कई निर्देश दिए। बैठक में मायावती के भतीजे ईशान आनंद को पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने की घोषणा की गई। यह जिम्मेदारी पहले उनके बड़े भाई आकाश आनंद के पास भी रह चुकी है।
बैठक से पहले ईशान आनंद ने मायावती के चरण स्पर्श किए। मायावती ने भी उनकी पीठ पर हाथ रखकर उन्हें आशीर्वाद दिया। इसके बाद ईशान बैठक में शामिल हुए। पार्टी से जुड़े लोगों के मुताबिक, राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी मिलने के बाद ईशान की संगठन में भूमिका बढ़ गई है। कार्यकर्ताओं के बीच उन्हें युवा चेहरे के तौर पर भी देखा जा रहा है।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में मायावती ने पदाधिकारियों को आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए जमीनी स्तर पर संगठन को सक्रिय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सभी वर्गों तक पहुंच बनाने और पार्टी की नीतियों एवं पूर्ववर्ती सरकार के कार्यों को जनता के बीच ले जाने को कहा।
बैठक में पार्टी की चुनावी तैयारियों और संगठन विस्तार पर भी चर्चा हुई। पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ाएं और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करें। पार्टी का फोकस आगामी चुनाव में अपनी स्थिति मजबूत करने और विधानसभा में सीटों की संख्या बढ़ाने पर बताया गया।
ब्राह्मण समाज के समर्थन का दावा
जौनपुर की मुंगरा बादशाहपुर विधानसभा सीट से बसपा प्रत्याशी विनोद मिश्रा ने बैठक के बाद कहा कि इस बार ब्राह्मण समाज मायावती की सरकार बनाने में सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनाव में सीटें बढ़ाने के लिए रणनीति के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
विनोद मिश्रा ने कहा कि बसपा कार्यकर्ता सरकार की नाकामियों को लेकर जनता के बीच जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि विभिन्न वर्गों के लोगों को वर्ष 2007 में मायावती सरकार के दौरान किए गए कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था की याद है। उन्होंने कहा कि पार्टी आगामी चुनाव में इसी मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी।
एक महीने में तीसरी बैठक
मायावती ने पार्टी मुख्यालय में करीब दो घंटे तक राष्ट्रीय संगठन के साथ बैठक की। पार्टी सूत्रों के अनुसार, एक महीने के भीतर यह उनकी तीसरी महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक है। परिवार में चल रही राजनीतिक खींचतान के बीच ईशान आनंद का पहली बार इस तरह सार्वजनिक रूप से सामने आना भी चर्चा का विषय रहा।
ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी मिलने के बाद अब पार्टी में उनकी भूमिका को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, आगामी विधानसभा चुनाव में इस जिम्मेदारी के साथ संगठन को मजबूत करना और पार्टी के प्रदर्शन में सुधार लाना उनके सामने प्रमुख चुनौती होगी।
बैठक के दौरान मायावती ने संगठन के सभी स्तरों के पदाधिकारियों को चुनावी तैयारियों में जुटने और जनता के बीच लगातार संपर्क बनाए रखने पर जोर दिया। बसपा अब आगामी चुनाव को लेकर संगठनात्मक गतिविधियों को और तेज करने की तैयारी में है।






