
दिल्ली में विधानसभा सुरक्षा घेरा तोड़कर घुसने की घटना ने राजधानी समेत उत्तर प्रदेश तक हड़कंप मचा दिया। इस मामले में जिस गाड़ी का नंबर ट्रेस किया गया, वह पीलीभीत का निकला और गाड़ी चालक की पहचान सरबजीत सिंह के रूप में हुई है। घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को हिला कर रख दिया है और अब तक इस सवाल का जवाब नहीं मिल पाया है कि आखिर इतनी सख्त सुरक्षा व्यवस्था को पार कर यह युवक विधानसभा तक कैसे पहुंच गया।
पीलीभीत में सरबजीत के परिवार ने इस घटना को लेकर अहम जानकारी साझा की है। परिवार के अनुसार, सरबजीत पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से अस्थिर थे और उनका इलाज शाहजहांपुर के एक अस्पताल में चल रहा था। उनके भाई अवतार सिंह ने बताया कि हर साल फरवरी से मई के बीच उनकी मानसिक स्थिति बिगड़ जाती है और इस दौरान वे असामान्य व्यवहार करते हैं। अवतार सिंह ने बताया कि सरबजीत हाल ही में अपने भांजे जयदीप और एक अन्य परिजन हरमंतदीप की तलाश में पंजाब के आनंदपुर साहिब गए थे और अचानक घर से निकल गए। तीन दिन पहले हुई अंतिम बातचीत में उन्होंने कहा था कि वे चंडीगढ़ जा रहे हैं और किसी से मिलने की कोशिश कर रहे हैं।
अवतार सिंह ने बताया कि फरवरी से मई के बीच सरबजीत उल्टा-सीधा बोलने लगते हैं, गुस्सा करते हैं और कभी-कभी अपशब्द भी बोलते हैं। परिवार का मानना है कि दिल्ली जाने और विधानसभा में घुसने की घटना उनकी बिगड़ी मानसिक स्थिति का परिणाम हो सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि सरबजीत खेती-किसानी से जुड़े हैं और उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और मां हैं।
परिवार ने पुलिस और सरकार के साथ पूरा सहयोग करने की बात भी कही। स्थानीय पुलिस भी पीलीभीत में परिवार से पूछताछ करने पहुंची थी और परिवार ने जांच में पूरी तरह सहयोग किया। फिलहाल दिल्ली में सरबजीत पुलिस हिरासत में हैं, हालांकि उनकी सटीक स्थिति परिवार को ज्ञात नहीं है।
सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि आखिर सरबजीत इतनी हाई सिक्योरिटी वाली जगह तक कैसे पहुंच गए। घटना ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं परिवार ने भी कहा है कि जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन्हें खुलकर सार्वजनिक किया जाना चाहिए।







