
विधान परिषद में गंगा क्रूज पर घमासान, मंत्री जयवीर सिंह का विपक्ष पर पलटवार
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधान परिषद में वाराणसी की गंगा नदी पर संचालित सरकारी और निजी क्रूजों को लेकर जोरदार बहस देखने को मिली। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने विपक्ष के सवालों का विस्तार से जवाब देते हुए तीखा पलटवार किया।

समाजवादी पार्टी के सदस्य आशुतोष सिन्हा ने जनपद वाराणसी में संचालित सरकारी और निजी क्रूजों की संख्या, उनके संचालन के मानकों और विस्तृत विवरण को सदन के पटल पर रखने की मांग की थी।
मंत्री जयवीर सिंह ने स्पष्ट किया कि वाराणसी में वर्तमान में 5 सरकारी और 2 निजी क्रूज संचालित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि इनका संचालन भारतीय अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण तथा उत्तर प्रदेश अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार किया जा रहा है और सभी नियमों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने कहा कि आवश्यक विवरण उपलब्ध है और जानकारी साझा करने में कोई आपत्ति नहीं है।
‘पढ़ लेते तो सवाल न करते’
चर्चा के दौरान उत्तर प्रदेश अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण की स्थिति पर अतिरिक्त जानकारी मांगी गई। मंत्री ने बताया कि 6 दिसंबर 2023 को अधिसूचना जारी कर प्राधिकरण से संबंधित विधेयक पारित किया गया, जिसमें परिवहन विभाग को नोडल बनाया गया। 6 दिसंबर 2024 से अग्रिम कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है।
इस दौरान मंत्री ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि इस संबंध में मीडिया में पहले ही विस्तृत जानकारी दी जा चुकी है—“अगर आशुतोष जी थोड़ा पढ़ लेते तो यह सवाल न करते।” उनके इस बयान से सदन का माहौल गरमा गया।
पर्यटन आंकड़ों से साधा सियासी निशाना
मंत्री ने पर्यटन के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले वाराणसी में 5,44,355 भारतीय और 3,34,860 विदेशी पर्यटक आए थे, जबकि वर्तमान में यह संख्या बढ़कर 17,27,52,631 से अधिक हो चुकी है।
उन्होंने इस वृद्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व को दिया। मंत्री ने कहा कि उनके मार्गदर्शन में न केवल वाराणसी बल्कि प्रदेश के अन्य आध्यात्मिक और धार्मिक नगर भी पर्यटन के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं।









