
मणिशंकर अय्यर द्वारा केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन की तारीफ किए जाने और उनके दोबारा मुख्यमंत्री बनने का दावा करने के बाद कांग्रेस में अंदरूनी विवाद तेज हो गया है। तिरुवनंतपुरम में रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम में, विजयन की मौजूदगी में अय्यर ने कहा था कि पिनरई विजयन केरल के मुख्यमंत्री बने रहेंगे। इस बयान के बाद पार्टी के भीतर असहमति के स्वर उठने लगे।
अय्यर के बयान पर कांग्रेस नेताओं ने सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी। पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा और महासचिव जयराम रमेश की टिप्पणियों के बाद मामला और गरमा गया। जवाब में अय्यर ने तीखा पलटवार करते हुए पवन खेड़ा को ‘कठपुतली’ और ‘तोता’ तक कह दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि खेड़ा पार्टी के अधिकृत प्रवक्ता नहीं हैं।
समाचार एजेंसी को दिए बयान में अय्यर ने कहा कि कांग्रेस में अनेक सक्षम लोग हैं, जो प्रवक्ता की भूमिका बेहतर तरीके से निभा सकते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दिल्ली में एमए बेबी के साथ गठबंधन पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन पिनरई विजयन के साथ उनके राजनीतिक समीकरण पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने कांग्रेस के भीतर नई बहस छेड़ दी है। एक ओर जहां केरल की राजनीति और विपक्षी दलों के संभावित समीकरणों को लेकर चर्चा तेज है, वहीं दूसरी ओर पार्टी अनुशासन और सार्वजनिक बयानबाजी पर भी सवाल उठ रहे हैं। अय्यर के बयान और उसके बाद की प्रतिक्रियाओं ने कांग्रेस की आंतरिक राजनीति को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।









