
AAP सांसद संजय सिंह का मोदी सरकार पर हमला, भारत-अमेरिका ट्रेड डील को ‘काला दिन’ बताया
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए भारत-अमेरिका के बीच हुए नए व्यापारिक समझौते को देश के लिए ‘काला दिन’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने देश की जनता को अंधेरे में रखते हुए अमेरिका के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। संजय सिंह ने हैरानी जताई कि इस बड़े फैसले की जानकारी भारत सरकार की ओर से नहीं बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति के ट्वीट से मिली, जो उनके अनुसार भारत के स्वाभिमान पर गहरी चोट है।
सांसद संजय सिंह ने तेल नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत अब रूस से सस्ता तेल खरीदना बंद कर देगा और अमेरिका तथा वेनेजुएला से तेल खरीदने का फैसला किया गया है। उन्होंने दावा किया कि वेनेजुएला का तेल क्वालिटी में कमतर है और इसे रिफाइन करना महंगा पड़ेगा, जबकि अमेरिका का तेल पहले से अधिक महंगा है। उनका तर्क है कि इसका सीधा बोझ आम जनता की जेब पर पड़ेगा और पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने से हर जरूरी वस्तु महंगी होगी।
संजय सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने अमेरिका से आने वाले कृषि उत्पादों पर ‘जीरो ड्यूटी’ यानी शून्य शुल्क लगाने का फैसला किया है। उनके अनुसार इसका मतलब है कि अमेरिका का गेहूं, कपास और सब्जियां भारतीय बाजारों में बिना किसी टैक्स के उपलब्ध होंगी। जब विदेशी फसलें सस्ती होंगी, तो भारतीय किसानों की उपज की बिक्री मुश्किल हो जाएगी। उन्होंने इसे ‘तीन काले कृषि कानूनों’ से भी ज्यादा खतरनाक बताते हुए कहा कि यह देश के 80 करोड़ किसानों की रोजी-रोटी पर हमला है।
संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाते हुए यह भी पूछा कि क्या हाल ही में सामने आए ‘एप्स्टीन फाइल’ और अडानी को अमेरिका से समन मिलने की खबरों के दबाव में यह बड़ा फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि यह समझौता केवल अमेरिकी कॉरपोरेट्स के फायदे के लिए है, जबकि भारत का स्वाभिमान अमेरिका के हाथों गिरवी रखा गया।
AAP ने साफ कर दिया है कि वह इस ट्रेड डील का पुरजोर विरोध करेगी। संजय सिंह ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने किसानों और जनता के हितों के खिलाफ लिए गए फैसलों को तुरंत वापस नहीं लिया, तो देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने मीडिया पर भी कटाक्ष किया और कहा कि जो मीडिया कल तक भारत की ताकत के ढोल पीट रहा था, वह अब इस फैसले को ‘मास्टरस्ट्रोक’ बताएगा। लेकिन देश का किसान अब चुप नहीं बैठेगा।







