
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच हुई बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील को लेकर भारत सरकार का पहला आधिकारिक बयान सामने आया है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि इस समझौते में किसी भी सेक्टर या हित से समझौता नहीं किया गया है। यह एक ऐसी ट्रेड डील है, जिस पर हर भारतीय को गर्व होगा। गोयल ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा की तरह कृषि और डेयरी सेक्टर के हितों की रक्षा की है और इस डील में भी इन क्षेत्रों को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है।
पीयूष गोयल ने कहा कि इस ट्रेड डील से भारत के निर्यात में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। इंजीनियरिंग सेक्टर, टेक्सटाइल, मरीन प्रोडक्ट्स, ज्वेलरी और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े उद्योगों को इससे नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि यह डील उन सेक्टर्स के लिए खास तौर पर फायदेमंद होगी, जिनमें अधिक मेहनत लगती है और जो लाखों लोगों को रोजगार देते हैं। गोयल के मुताबिक देशभर से जो रिपोर्ट्स आई हैं, उनमें इस समझौते को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।
वाणिज्य मंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की मित्रता और भारत-अमेरिका संबंधों का सम्मान किया है। गोयल ने दावा किया कि अमेरिका के साथ यह भारत की प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले सबसे बेहतर ट्रेड डील है। दोनों देशों की ओर से जल्द ही इस समझौते पर एक साझा बयान जारी किया जाएगा।
हालांकि, इस ट्रेड डील को लेकर सियासी घमासान भी तेज हो गया है। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने इस समझौते का कड़ा विरोध करते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी ट्रेड डील में देश को “बेच दिया” है। राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों, मजदूरों और आम जनता की मेहनत का सौदा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री डरे हुए हैं, क्योंकि अमेरिका में अडाणी समूह से जुड़े मामलों का असर सीधे मोदी पर पड़ता है।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अडाणी पर अमेरिका में चल रहा मामला असल में प्रधानमंत्री के “फाइनेंशियल स्ट्रक्चर” पर सवाल खड़ा करता है। उनके मुताबिक यही वजह है कि सरकार इस डील को लेकर समझौते कर रही है। विपक्ष के इन आरोपों पर पलटवार करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि राहुल गांधी देश को गुमराह कर रहे हैं और नकारात्मक राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस ट्रेड डील से देश को सीधा फायदा होगा और इसकी तारीफ देश-विदेश में हो रही है।
उधर, अमेरिका की ओर से इस डील के तहत भारत पर लगाए गए टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की गई है। इससे पहले अमेरिका ने भारत पर 25 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ और रूस से तेल खरीदने के कारण 25 प्रतिशत अतिरिक्त पेनल्टी लगाई थी। अब अमेरिकी प्रशासन ने रूस से तेल खरीद को लेकर लगाई गई पेनल्टी हटाने का फैसला किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत के बाद इस ट्रेड डील का ऐलान किया था। ट्रम्प के अनुसार भारत अमेरिका से बड़े पैमाने पर तेल और अन्य उत्पाद खरीदेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस डील का स्वागत करते हुए कहा कि यह भारत के 1.4 अरब लोगों के हित में है।








