
पुलिस मुठभेड़ों पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, ‘हाफ-एनकाउंटर’ पर कड़ी आपत्ति
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस मुठभेड़ों को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए गैर-ज़रूरी फायरिंग और तथाकथित ‘हाफ-एनकाउंटर’ की कड़ी आलोचना की है। जस्टिस अरुण कुमार देशवाल की पीठ ने स्पष्ट कहा कि अपराधी को सज़ा देना अदालत का काम है, पुलिस का नहीं।
कोर्ट ने कहा कि प्रमोशन या सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरने के लिए गोली चलाना पूरी तरह अस्वीकार्य है। किसी आरोपी के गैर-ज़रूरी हिस्से पर गोली मारना कानून का उल्लंघन है। मुठभेड़ में गंभीर चोट की स्थिति में सख्त नियम लागू होंगे।
हाईकोर्ट ने पुलिस के लिए 6 प्वाइंट गाइडलाइंस जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट की PUCL गाइडलाइंस की अनदेखी पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि निर्देशों का पालन नहीं हुआ तो संबंधित SP और SSP को जिम्मेदार ठहराया जाएगा और व्यक्तिगत रूप से अवमानना की कार्रवाई की जा सकती है।








