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उत्तर प्रदेश में फार्मा कॉन्क्लेव का आयोजन, सीएम योगी करेंगे उद्घाटन

योगी कैबिनेट का फैसला
योगी कैबिनेट का फैसला
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Written by
Rishabh Rai

उत्तर प्रदेश में फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 का आयोजन किया जा रहा है, जिसे उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) और इन्वेस्ट यूपी द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे, जबकि केंद्रीय स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं रसायन-उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा वीडियो के माध्यम से कॉन्क्लेव को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी और राकेश सचान, राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह और जसवंत सिंह सैनी तथा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दया शंकर मिश्र दयालु विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

एफएसडीए सचिव एवं आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लक्ष्य प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में बदलना है। इसके तहत फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर को रीढ़ की तरह विकसित किया जा रहा है। फार्मा कॉन्क्लेव में देश और दुनिया की अग्रणी कंपनियां हिस्सा लेंगी, जिनमें रामकी ग्रुप, सन फार्मा, मैनकाइंड फार्मा, डॉ. रेड्डीज, ज़ाइडस लाइफ साइंसेज, टोरेंट फार्मा जैसी प्रमुख कंपनियों के चेयरमैन और निदेशक शामिल होंगे।

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कॉन्क्लेव के सत्रों में एमएसएन लेबोरेटरीज, डाबर और एलकेम जैसे कंपनियों के उद्योग जगत के दिग्गज निवेश, उत्पादन, अनुसंधान और नवाचार की संभावनाओं पर मंथन करेंगे। आयोजन में इंडियन फार्मास्युटिकल अलायंस (IPA), इंडियन ड्रग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (IDMA), बल्क ड्रग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BDMAI) और फेडरेशन ऑफ फार्मा आन्ट्रप्रनर्स (FOPE) जैसे संगठनों का सहयोग भी शामिल है।

डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि यूपी फार्मास्युटिकल एवं मेडिकल डिवाइस उद्योग नीति 2023 के तहत निवेशकों को आकर्षक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। इनमें 15 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी में 100 प्रतिशत छूट, बिजली शुल्क में पूर्ण छूट जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा एफडीआई/एफसीआई एवं फॉर्च्यून ग्लोबल 500 निवेश प्रोत्साहन नीति, औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स नीति 2024 निवेश को सरल बनाने में मदद कर रही हैं।

प्रदेश में ललितपुर में बल्क ड्रग पार्क और ग्रेटर नोएडा में मेडिकल डिवाइस पार्क तेजी से आकार ले रहे हैं। साथ ही 81 मेडिकल कॉलेज, 450 से ज्यादा फार्मा कॉलेज और नाइपर रायबरेली, केजीएमयू, एसजीपीजीआई, आईआईटी कानपुर और आईआईटी बीएचयू जैसे संस्थान कुशल मानव संसाधन उपलब्ध करा रहे हैं।

यूपी ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भी वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान बनाई है। निवेश मित्र जैसे सिंगल विंडो सिस्टम से आवेदन और परियोजना संचालन आसान हो गया है। एफएसडीए निवेशकों को समयबद्ध मंजूरी और नियामकीय सहयोग प्रदान करने में अहम भूमिका निभा रहा है, जबकि रेडी-टू-मूव औद्योगिक भूमि का बड़ा बैंक भी उपलब्ध है।

इस कॉन्क्लेव के माध्यम से उत्तर प्रदेश फार्मा और मेडिकल डिवाइस हब के रूप में अपनी क्षमता और वैश्विक निवेश आकर्षण को और मजबूत करने जा रहा है।

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