
उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की वोटर लिस्ट का इंतजार अब खत्म हो गया है। राजनीतिक दलों से लेकर आम जनता तक सभी की नजरें इस सूची पर टिकी थीं। बीते दिनों राजनीतिक बयानों के जरिए यह दावा किया जा रहा था कि यूपी में लाखों मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से कट चुके हैं। ऐसे में लोगों में यह जानने की उत्सुकता थी कि कहीं उनका नाम भी ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर तो नहीं हो गया।
अब चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया के बाद उत्तर प्रदेश की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है। यह प्रक्रिया 4 नवंबर से 26 दिसंबर तक चली थी। इसके बाद जारी की गई ड्राफ्ट लिस्ट के अनुसार राज्य में करीब 2.89 करोड़ वोटर अनमैप्ड पाए गए हैं। इन अनमैप्ड मतदाताओं को चुनाव आयोग की ओर से नोटिस भेजे जाएंगे। आयोग ने 6 फरवरी तक मतदाताओं को दावा और आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया है।
चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट की जांच के लिए ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध कराई है। मतदाता https://voters.eci.gov.in/ वेबसाइट पर जाकर “Download Electoral Roll” विकल्प के माध्यम से अपने राज्य, जिला, विधानसभा क्षेत्र और अन्य विवरण भरकर वोटर लिस्ट डाउनलोड कर सकते हैं। इससे कोई भी व्यक्ति यह आसानी से देख सकता है कि उसका नाम सूची में है या नहीं।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल केवल ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की गई है। अंतिम वोटर लिस्ट 6 मार्च को प्रकाशित होगी। यदि किसी मतदाता का नाम या विवरण गलत है, तो वह 6 फरवरी तक बीएलओ कार्यालय में जाकर आपत्ति दर्ज करा सकता है या ऑनलाइन आवेदन कर सकता है।
यदि किसी का नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं है और वह नया वोटर बनना चाहता है, तो पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक, बिजली-पानी बिल जैसे दस्तावेजों के आधार पर आवेदन किया जा सकता है। चुनाव आयोग का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा और लोकतंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है।









