
दिल्ली के वायु प्रदूषण को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक बार फिर बेबाक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राजधानी में बढ़ता प्रदूषण किसी एक वजह से नहीं, बल्कि “हम सबके कारण” होता है। गडकरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक समाज, सरकार और सिस्टम मिलकर जिम्मेदारी नहीं लेंगे, तब तक प्रदूषण की समस्या खत्म नहीं हो सकती।
गडकरी के मुताबिक, वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों से उठती धूल, पराली जलाना और ईंधन की खराब गुणवत्ता—ये सभी प्रदूषण के बड़े कारण हैं, और इन सभी में इंसानी भूमिका सीधे तौर पर जुड़ी है। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर सरकार को दोष देते हैं, लेकिन अपनी आदतों और जीवनशैली में बदलाव नहीं लाते।
केंद्रीय मंत्री ने वैकल्पिक ईंधन जैसे इथेनॉल, बायो-सीएनजी, इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन वाहनों को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर लोग निजी वाहनों का कम उपयोग करें और सार्वजनिक परिवहन अपनाएं, तो प्रदूषण में बड़ी कमी लाई जा सकती है। गडकरी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब दिल्ली-एनसीआर में हर साल सर्दियों के दौरान वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर पर पहुंच जाती है। उनका कहना है कि समाधान कानून से ज्यादा जनभागीदारी और व्यवहार में बदलाव से निकलेगा।









