
लंदन। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से 6,498 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मुख्य आरोपी भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी ने ब्रिटेन की हाईकोर्ट में अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील को दोबारा खोलने की नई याचिका दायर की है। मंगलवार को हुई सुनवाई में भारतीय अधिकारियों ने मुंबई की आर्थर रोड जेल में उनकी हिरासत की स्थितियों पर मजबूत आश्वासन दिए, जिसके बाद कोर्ट ने मामले को मार्च 2026 तक टाल दिया।
नीरव मोदी (54) ने दावा किया कि भारत लौटने पर उन्हें जांच एजेंसियों द्वारा पूछताछ और यातना का खतरा है। उनकी कानूनी टीम ने संजय भंडारी मामले का हवाला दिया, जहां मानवाधिकार आधार पर प्रत्यर्पण रोका गया था। हालांकि, कोर्ट ने “डेजा वू” की भावना जताते हुए कहा कि यह मामला पहले ही कई बार असफल हो चुका है। नीरव वीडियो लिंक से पेंटोनविले जेल से पेश हुए।
भारत की ओर से सीबीआई और ईडी के प्रतिनिधि मौजूद थे। अप्रैल 2021 में तत्कालीन ब्रिटिश गृह सचिव प्रीति पटेल ने नीरव का प्रत्यर्पण मंजूर किया था, जिसे हाईकोर्ट ने भी बरकरार रखा। नीरव मार्च 2019 से लंदन की जेल में बंद हैं। यदि मार्च 2026 में अपील खारिज हुई, तो उनका भारत प्रत्यर्पण तुरंत हो सकता है।यह मामला पीएनबी घोटाले से जुड़ा है, जिसमें नीरव पर फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) जारी कर बैंक को चूना लगाने का आरोप है।








