
लखनऊ– उत्तर प्रदेश में कोडीन-आधारित कफ सिरप की अवैध तस्करी और बिक्री के बड़े रैकेट पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कड़ा रुख अपनाया है। राज्य के कई जिलों में दर्ज 30 से अधिक FIR के आधार पर एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत प्रवर्तन मामले की सूचना (ECIR) दर्ज कर ली है। यह कार्रवाई अब छह राज्यों-उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और झारखंड- तक फैल चुकी है, जिसमें शेल कंपनियों, निजी सप्लायर्स और करोड़ों रुपये के अवैध डाइवर्जन की जांच चल रही है।
ED के अनुसार, अवैध खेप मुख्य रूप से हिमाचल की दो, उत्तराखंड की तीन, हरियाणा और झारखंड की एक-एक कंपनी से खरीदी जा रही थी। ये खेपें लखनऊ, कानपुर, लखीमपुर खीरी और बहराइच के रास्ते नेपाल भेजी जाती थीं, जबकि वाराणसी और गाजियाबाद की फर्में बांग्लादेश की ओर तस्करी में लिप्त थीं। मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल सहित कई आरोपी दबोच लिए गए हैं, और जांच में सरकारी अधिकारियों की संलिप्तता के सुराग भी मिले हैं। राज्य सरकार ने इस मामले की गहन जांच के लिए आईजी एलआर कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है, जिसमें FSDA के अधिकारी भी शामिल हैं।








