
नई दिल्ली: इंडिगो एयरलाइंस का संकट लगातार गहराता जा रहा है। छठे दिन भी अव्यवस्था कम नहीं हुई और देशभर में 350 से ज्यादा फ्लाइटें रद्द कर दी गईं। हजारों यात्री एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं और कई जगहों पर यात्रियों ने भारी विरोध भी किया।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिगो को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा है कि जिन यात्रियों की उड़ानें रद्द हुई हैं, उनका पूरा पैसा आज रात 8 बजे तक रिफंड किया जाए। मंत्रालय ने एयरलाइन से पूछा है कि अचानक इतने बड़े पैमाने पर रद्दीकरण क्यों हुआ और यात्रियों को पहले से जानकारी क्यों नहीं दी गई।
सरकार ने इंडिगो को 24 घंटे के अंदर जवाब देने को कहा है कि उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई क्यों न की जाए। अगर जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो DGCA भारी जुर्माना लगा सकती है।
इंडिगो की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बड़ी संख्या में क्रू मेंबर बीमार पड़ने और स्टाफ शॉर्टेज की वजह से उड़ानें प्रभावित हुईं। एयरलाइन ने कहा कि स्थिति को सामान्य करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन यात्रियों का गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा।
कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वे शादी, इंटरव्यू और जरूरी कार्यक्रमों से चूक गए। कुछ ने शिकायत की कि उन्हें उड़ान रद्द होने की जानकारी एयरपोर्ट पहुंचने के बाद मिली, जबकि कुछ जगहों पर यात्रियों ने लंबी कतारों में रात भी गुजारी। इतने बड़े पैमाने पर रद्दीकरण इंडिगो के लिए बड़ा भरोसा संकट है। भारत में सबसे बड़ी एयरलाइन होने के कारण ऐसी स्थिति उद्योग पर नकारात्मक असर डाल सकती है। DGCA ने संकेत दिया है कि अब एयरलाइंस के लिए स्टाफ प्रबंधन और क्रू उपलब्धता पर कड़ाई से नियम लागू किए जाएंगे।









