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दीपावली के बाद अब डाला छठ और देव दीपावली को सकुशल संपन्न कराने की तैयारी

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– मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश के सभी पुलिस कप्तान, पुलिस कमिश्नर अपनी टीम के साथ अलर्ट

– छठ घाटों पर महिलाओं की सुरक्षा के विशेष इंतजाम करने के निर्देश

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– एंटी रोमियो टीम छठ घाटों पर रहेगी विशेष सतर्क, सादी वर्दी में तैनात होंगे पुलिसकर्मी

लखनऊ, 15 नवंबर। धनतेरस, दीपोत्सव, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भइया दूज के सकुशल संपन्न होने के बाद योगी सरकार अब आगामी छठ पूजा और देव-दीपावली को लेकर अलर्ट मोड में है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर डीजीपी की ओर से प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस कप्तानों और कमिश्नरेट के पुलिस आयुक्तों को डाला छठ और देव दीपावली पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के लिए कहा गया है। घाटों पर महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध करने के लिए भी निर्देशित किया गया है।

सभी जिलों और कमिश्नरेट के आला पुलिस अधिकारियों को डाला छठ और देव दीपावली की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक करते हुए रिपोर्ट मुख्यालय भेजने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही ट्रैफिक रूट डायवर्जन और जाम से निपटने की स्थिति की समीक्षा के लिए भी कहा गया है। डीजीपी की ओर से सख्त निर्देश है कि पर्व-त्यौहार के दौरान यातायात नियमों के विरुद्ध वाहन चलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही त्यौहारों की खरीदारी को देखते हुए बाजारों में भी एंटी रोमियो की टीम को हमेशा अलर्ट मोड में रखा जाए।

प्रदेश के सभी पुलिस कप्तानों और कमिश्नरेट के आयुक्तों को निर्देशित किया गया है कि वो अपने यहां थानों में लंबित मामलों में समय से विवेचना को निस्तारित कराएं। साथ ही सर्किलवार अपराध समीक्षा गोष्ठी में अपराधों की गहन समीक्षा करते हुए मातहत पुलिसकर्मियों को अभी से निर्देश जारी कर दें। इसके अलावा संवेदनशील मामलों में जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी खुद मौके पर जाकर निरीक्षण करें और रिपोर्ट तैयार करते हुए आवश्यक कार्रवाई तय समय में सुनिश्चित करें।

इसके अलावा आईजीआरएस पोर्टल या जन शिकायत पर प्राप्त होने वाले प्रार्थना पत्रों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से निस्तारण करें और निमयमित फीडबैक प्राप्त करें। साथ ही अपने अपने जिलों के असामाजिक तत्वों की निगरानी में और सख्ती बरतें। आपराधिक प्रवृति के लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। गुंडों, माफिया की अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए भी पुलिस कप्तानों और पुलिस कमिश्नरों को निर्देशित किया गया है। यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि निरोधात्मक कार्रवाई, गैंगेस्टर, गुंडा, एनडीपीएस, आबकारी एक्ट के अंतर्गत प्रभावी कार्रवाई थानों के माध्यम से सुनिश्चित कराई जाए। इसके अलावा पुरस्कार घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास लगातार जारी रहे।

मुख्यमंत्री की ओर से सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को नियमित रूप से जनसुनवाई किये जाने के लिए भी निर्देशित किया गया है। साथ ही ऑपरेशन क्लीन, ऑपरेशन त्रिनेत्र, ऑपरेशन कान्वेक्शन आदि अभियानों को लेकर नियमित समीक्षा करने और बाजारों और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर नियमित फुट प्रेट्रोलिंग और रात्रि गश्त को बढ़ाने के भी निर्देश दिये गये हैं।

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