नोएडा से खास खबर : वेस्ट यूपी के शहरों को फास्ट कनेक्टिविटी देने की योजना पर काम शुरू, 14 नवंबर तक मांगे आवेदन
नोएडा : अब वो दिन दूर नहीं, जब एनसीआर के शहरों से देश की राजधानी दिल्ली आने जाने वालों बेहतरीन ट्रैफिक फेसिलिटी उपलब्ध होगी। इसके लिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी ने कमर कस ली है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों को मिलाकर रीजनल कांप्रेहेंसिव मोबिलिटी प्लान बनाने की तैयारी प्राधिकरण ने तेज कर दी है। सलाहकार के चयन के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) जारी कर दी है। कंपनियों से 14 नवंबर तक आवेदन मांगे गए हैं।
कमेटी के अध्यक्ष हैं नोएडा के सीईओ
रीजनल मोबिलिटी प्लान बनाने के लिए करीब 10 दिन पहले नोएडा प्राधिकरण में पहली बैठक हुई थी। प्लान के तहत नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना विकास एरिया, गाजियाबाद, हापुड, बुलंदशहर व न्यू नोएडा के लिए यातायात योजना तैयार की जाएगी। इन शहरों की कनेक्टिविटी राजधानी दिल्ली से बेहतर हो इस पर फोकस किया जाएगा। इस रीजनल प्लान का मकसद पश्चिमी यूपी में इकोनॉमिक ग्रोथ को बढ़ावा देना है। रीजनल प्लान तैयार करने के प्रस्ताव पर 13 अगस्त 2023 को हुई बोर्ड बैठक में मुहर लग गई थी। जिले के तीनों प्राधिकरण अधिकारियों की एक समिति गठित कर दी गई है, जिसका अध्यक्ष नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को बनाया गया है।
रीजनल प्लान बनाने के लिए होगी सलाहकार की नियुक्ति
प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना, डीएनजीआईआर (दादरी-नोएडा-गाजियाबाद-निवेश क्षेत्र) क्षेत्र का ट्रैफिक एंड ट्रांसपोर्टेशन मोबिलिटी प्लान बनाया जाएगा। इन क्षेत्रों में आने वाले समय में यातायात की कोई समस्या न उत्पन्न हो, इसको देखते हुए यह योजना तैयार की जाएगी। इसके साथ-साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों से कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए रीजनल प्लान तैयार करने के लिए सलाहकार कंपनी की नियुक्ति की जाएगी। इस काम पर आने वाले खर्चे का वहन नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण मिलकर वहन करेंगे।
आर्थिक जोन सेंटर के रूप में विकसित होगा पूरा पश्चिमी क्षेत्र
अधिकारियों की मानें तो नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र के अलावा न्यू नोएडा को औद्योगिक टाउनशिप के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, बुलंदशहर, मेरठ, मोदीनगर, हापुड़ आदि पर भी प्रभाव पड़ेगा। इसलिए पूरे पश्चिमी क्षेत्र को आर्थिक जोन सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए जो रीजनल प्लान तैयार किया जाएगा, उसमें अर्बन प्लानिंग, एरनवायमेंटल इंजीनियरिंग, ट्रांसपोर्ट प्लानिंग और शहरी अर्थशास्त्र क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल होंगे। इसके लिए नोएडा प्राधिकरण के नियोजन विभाग को नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि रीजनल प्लान बनाने के लिए तमिलनाडु राज्य द्वारा तैयार किए गए रीजनल कनेक्टिविटी प्लान के आधार पर योजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
तीन नवंबर को होगी प्री बिड मीटिंग
प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि इस प्लान को तैयार करने के लिए इच्छुक कंपनियां इससे संबंधित किसी भी तरह की जानकारी के लिए अपने सवाल 30 अक्टूबर तक प्राधिकरण में जमा कर सकती हैं। इसके बाद 3 नवंबर को प्री बिड मीटिंग की जाएगी, जिसमें प्राधिकरण के अधिकारी हर सवाल का जवाब देंगे, हालांकि वेबसाइट पर टेंडर प्रक्रिया की पूरी जानकारी अपडेट कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि इस आरएफपी में 14 नवंबर तक आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद 16 नवंबर को तकनीकी बिड खोली जाएगी।









