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हर महीने 40 महिलाएं छेड़छाड़ का शिकार

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हर महीने 40 महिलाएं छेड़छाड़ का शिकार

हिमाचल प्रदेश में इस साल अब तक मोलस्टेशन के 400 से अधिक मामले दर्ज

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महिलाओं से छेड़छाड़ के हर माह औसतन 40 मामले दर्ज हो रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में ऊंचे पायदान पर नजर आ रहे प्रदेश के लोगों का महिलाओं के प्रति नजरिया कुछ और ही आंकड़े पेश कर रहा है। इस साल अक्तूबर तक प्रदेश में महिलाओं से छेड़छाड़ के 435 मामले सामने आ चुके हैं, जब क्राइम अगेंस्ट वूमन की श्रेणी में दर्ज मामलों का ग्राफ 1400 के पार पहुंच गया है। महिलाओं से छेड़छाड़ के सबसे ज्यादा मामले कांगड़ा में दर्ज किए गए हैं, जहां से आंकड़ा 100 के करीब पहुंच गया है। प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा में अब तक 96 महिलाएं छेड़छाड़ का शिकार हो चुकी हैं। जिला मंडी में 64, सिरमौर में 48 और शिमला में 41 मामले दर्ज हुए हैं। वहीं, प्रदेश के तीन जिलों में महिलाओं से छेड़छाड़ के दर्ज मामलों का ग्राफ 20 से कम रहा है। जिला लाहुल-स्पीति में एक, किन्नौर में आठ तो जिला सोलन में 17 मामले सामने आए हैं। (एचडीएम)
क्रूएलटी टू वूमन के 167 मामले
अक्तूबर माह तक प्रदेश में क्रूएलटी टू वूमन की धाराओं के तहत 167 मामले दर्ज हुए हैं। सबसे अधिक 30 मामले जिला कांगड़ा में सामने आए हैं, तो मंडी में 25, ऊना में 21, सिरमौर में 18 और चंबा में 15 मामले दर्ज हुए हैं। इस श्रेणी में जिल लाहुल-स्पीति में एक भी मामला सामने नहीं आया है, जबकि किन्नौर और सोलन में दो-दो तथा जिला कुल्लू में पांच मामले दर्ज किए गए हैं।
क्राइम अगेंस्ट वूमन में 1400 केस दर्ज
अक्तूबर महीने तक प्रदेश में क्राइम अगेंस्ट वूमन श्रेणी में विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज मामलों की संख्या 1400 को पार कर गई है, यानी हर माह 140 से अधिक महिलाएं विभिन्न किस्म के अपराधों का शिकार हो रही हैं। 2017 तक महिलाओं के खिलाफ अपराधों का ग्राफ सालाना 1500 से कम रहता था जो कि 2017 के बाद से चिंताजनक तौर पर डेढ़ हजार के आंकड़े को पार कर रहा है। 2012 में प्रदेश में क्रॉइम अगेंस्ट वूमन श्रेणी में 1024 मामले दर्ज किए थे और यह आंकड़ा 2021 में 1700 तक जा पहुंचा है।

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