16/03/2022

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सख्ती : उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षाओं में नकल कराने वालों के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत होगी करवाई

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सख्ती : उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षाओं में नकल कराने वालों के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत होगी करवाई

लखनऊ, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की वर्ष 2022 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 24 मार्च से शुरू होगी। परीक्षा 12 अप्रैल तक चलेगी। नकल विहीन बोर्ड परीक्षा कराने के लिए इस बार सभी केंद्रों पर स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और पुलिस का कड़ा पहरा होगा। परीक्षा में संगठित रूप से नकल कराने वालों के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई होगी। इंटरनेट मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी कड़ी निगाह होगी।

मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने यूपी बोर्ड परीक्षा की सुरक्षा-व्यवस्था के लिए कड़े निर्देश दिये हैं। सभी परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी होगी। मुख्य सचिव ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सभी मंडलायुक्तों, पुलिस आयुक्तों, डीएम, एसएसपी व एसपी को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित बोर्ड परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए विस्तृत निर्देश दिये।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन प्रश्न पत्रों की सुरक्षा के लिए आवश्यक पुलिस प्रबंध करे और जिला मुख्यालय में पुलिस अभिरक्षा में रखवाया जाए। परीक्षा केंद्रों पर प्रश्न पत्रों का वितरण डीएम द्वारा नामित अधिकारी की निगरानी में हो। जिला विद्यालय निरीक्षक प्रश्न पत्रों का वितरण पुलिस की मौजूदगी में कराएं। डीएम यह भी सुनिश्चित करें कि सभी केंद्रों पर परीक्षा की अवधि में पर्याप्त सशस्त्र पुलिस बल मौजूद रहे।

मुख्य सचिव ने कहा कि सभी जिलों में जोनल तथा सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात कर लिए जाएं, जो परीक्षा अवधि में परीक्षा केंद्रों का नियमित निरीक्षण तथा पर्यवेक्षण करेंगे। मुख्य सचिव ने कहा कि अफवाह फैलाने वाले तत्वों के विरुद्ध भी कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए। एसटीएफ संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर कड़ी नजर रखे। परीक्षा केंद्रों की आधारभूत सुविधाओं का शतप्रतिशत स्थलीय निरीक्षण भी करा लिया जाए।

परीक्षा अवधि में निर्बाध विद्युत आपूर्ति हो। स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग, नगर विकास विभाग, पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को भी परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गए हैं, जिससे परीक्षार्थियों को कहीं कोई असुविधा न हो। डीएम व पुलिस अधिकारियों को खुद परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करने का भी निर्देश दिया।

अपर मुख्य सचिव, माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला ने बताया कि प्रदेश में 8373 परीक्षा केंद्रों में 51 लाख 92 हजार 689 परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। प्रश्न पत्रों को डबल लाक वाली अलमारी में रखा जाएगा। हर परीक्षा कक्ष में सीसीटीवी कैमरे व राउटर स्थापित किए गए हैं। इसके पर्यवेक्षण के लिए माध्यमिक शिक्षा के शिविर कार्यालय, लखनऊ में केंद्रीयकृत राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। जिसके जरिये हर परीक्षा केंद्र के प्रत्येक परीक्षा कक्ष की निगरानी होगी। नकल विहीन परीक्षा कराने का दायित्व हर जिले में जिला विद्यालय निरीक्षक होगा। बोर्ड परीक्षा में पहली बार साफ्टवेयर के माध्यम से कक्ष निरीक्षकों व अन्य कार्मिकों की तैनाती की जा रही है। परीक्षा केंद्र में किसी को मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

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