Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

आजम खान को एक बार फिर सीतापुर जेल में किया गया शिफ्ट

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]
Author Image
Written by

आजम खान को एक बार फिर सीतापुर जेल में किया गया शिफ्ट

लखनऊ समाजवादी पार्टी के रामपुर से सांसद आजम खान को मंगलवार को फिर सीतापुर जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। इस मामले में आजम खान की रामपुर सदर से विधायक पत्नी डॉ. तजीन फात्मा ने यूपी सरकार पर बड़ा आरोप लगाया हैं। तजीन ने कहा कि मेरे पति की तबीयत अभी ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि ये एक साजिश के तहत हो रहा है मैं नहीं जानती, लेकिन उन्हें किन कारणों से एक बीमार इंसान को जेल शिफ्ट किया गया पता नहीं। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि आगामी 2022 विधानसभा चुनाव में सपा ही सत्ता में आएगी।

बता दें कि कोरोना संक्रमण के चलते आजम खान लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराए गए थे।उनके बेटे अब्दुल्ला आजम भी कोरोना संक्रमण के चलते सीतापुर जेल से मेदांता लाए गए थे। जानकारी के अनुसार दोनों स्वस्थ हैं और अब सीतापुर जेल उन्हें दोबारा शिफ्ट कर दिया गया है। बता दें कि सीतापुर जेल में बंद आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला कोरोना पॉजिटिव हुए थे। शुरुआती इलाज उनका वहीं हो रहा था, लेकिन जेल में तबीयत बिगड़ने पर जेल प्रशासन ने 9 मई को उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया था।

मामले के मुताबिक, आजम खान और उनके परिवार ने अब्दुल्ला आजम का एक जन्म प्रमाणपत्र रामपुर नगरपालिका से बनवाया है, जिसमें उनकी जन्मतिथि 1 जनवरी 1993 दर्शाई गई है। दूसरा लखनऊ के अस्पताल से भी जन्म प्रमाणपत्र बनवा लिया, जिसमें उनकी जन्मतिथि 30 सितंबर 1990 है। बाद में पासपोर्ट और पैन कार्ड में उम्र ठीक कराने के लिए भी दूसरा पासपोर्ट और दूसरा पैन कार्ड बनवा लिया, जिसमें अब्दुल्ला की दूसरी जन्मतिथि है।

Advertisement Box

आकाश सक्सेना ने एक मुकदमा दो जन्मप्रमाण पत्र बनवाने का दर्ज कराया है। उसमें अब्दुल्ला के साथ ही आजम खान और उनकी पत्नी तजीन फात्मा को भी नामजद किया है। आरोप लगाया गया है कि अब्दुल्ला का जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आजम और उनकी पत्नी ने जो शपथ पत्र दिया है, उसमें झूठ बोला गया है।

आज का राशिफल

वोट करें

'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद दुनिया के सामने रोज बेनकाब हो रहे पाकिस्तान को दी गई एक अरब डॉलर की मदद पर क्या अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष को फिर से विचार करना चाहिए?

Advertisement Box
WhatsApp